अखिलेश यादव ने योगी सरकार से किए ये सवाल

0 5

lucknow: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार यानि आज प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि महंगाई बढ़ रही है. तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. तेल पर टैक्स के रूप में सरकार भारी मुनाफा ले रही है. लेकिन ये पैसा जा कहां रहा है? अब सपने दिखाए जा रहे हैं कि इनवेस्टमेंट आ रहा है, अगर इनवेस्टमेंट आ रहा है तो जा कहां रहा है?

उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है जो उद्घाटन का उद्घाटन कर रही है. MOU का MOU कर रही है. शिलान्यास का शिलान्यास कर रही है. झूठे फसाना, झूठे मुकदमे लगाना आदत बन गई है. यह सरकार तो कांग्रेस से भी आगे निकल गई है. जब चुनाव होने में 200 दिन बचे हों तो कैसे 5 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट होगा?

डीजल-पेट्रोल के मुनाफे का पैसा कहां जा रहा?

अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया गया था. लेकिन किसान महंगाई से परेशान हैं. उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर पेट्रोल-डीजल के मुनाफे का पैसा कहां जा रहा है? किसानों को कुछ मिल नहीं रहा है. यूरिया, खाद-मक्का, धान का पैसा कहां जा रहा है?

हर चीज बेची जा रही है. जब हर चीज बेची जाएगी तो हमारे संविधान द्वारा दिए गए नौकरी के अधिकार कहां रहेगा. नौजवान, किसान और राजनीतिक कार्यकर्ताओं, लीडर्स का ये सरकार अपमान कर रही है. जितना अपमान इस सरकार में हुआ, कभी नहीं हुआ. 10 हजार से ज्यादा सपा कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए.

फेक एनकाउंटर उत्तर प्रदेश में

अखिलेश यादव ने कहा कि जब सरकार पुलिस को खुली छूट दे देती है तो उन्नाव, हाथरस कांड जैसे घटनाएं सामने आती हैं. UP में ठोंको नीति चल रही है. जो पुलिस कह दे रही है, वही सरकार मान रही है. उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा कस्टोडियल डेथ हुई है. सबसे ज्यादा फेक एनकाउंटर हुए हैं। सरकार चिन्हित करके अपमानित कर रही है. जिस मुख्यमंत्री पर मुकदमे थे, वे वापस हुए. अखिलेश ने कहा कि सरकार जल्द अपना बजट पेश करेगी. देखना होगा कि वह किसान, नौजवानों के लिए क्या करती है. हालांकि इनसे उम्मीद करना गलत है.

आरके चौधरी सपा में शामिल

आज अखिलेश यादव ने बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आरके चौधरी को सपा की सदस्यता दिलाई है. इसके अलावा पूर्व विधायक कालीचरण राजभर, पूर्व IPS गुरबचन लाल समेत कई जिलों के अलग-अलग दलों के नेता सपा में शामिल हुए हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.