इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार किया तलब पूछा – प्रदेश के कितने पुलिस स्टेशनों में महिलाओं को टॉयलेट नहीं?

0 2
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के विधि (कानून) छात्र-छात्राओं की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए योगी सरकार से पूछा है कि प्रदेश में कितने थाने हैं, जिनमें महिलाओं के लिए शौचालय है। कोर्ट ने योगी सरकार को यह जानकारी 15 फरवरी तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस प्रकरण को 15 फरवरी 2021 से शुरू होने वाले सप्ताह में नए सिरे से सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि, विधि छात्रा अंजलि पांडेय व 12 अन्य ने जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें यह मांग की गई है कि जिन पुलिस स्टेशनों पर लेडीज टॉयलेट का निर्माण नहीं हुआ है, वहां बनवाएं जाएं। साथ ही राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह के टॉयलेट्स में पानी, बिजली, पंखा, डोरबर्न जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं हों, जिससे महिलाओं की निजता व गरिमा का ध्यान रखा जा सके। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को शौचालय बनाने के लिए फंड मुहैया कराने का समादेश जारी किया जाए।

पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए टॉयलेट नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायधीश जयंत बनर्जी और जस्टिस संजय यादव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के वकील को राज्य से इस संबंध में निर्देश लेने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि कितने पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए टॉयलेट नहीं है। इसकी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए।

यहां, आपको बताते चले कि स्टेटस ऑफ पुलिसिंग इन इंडिया रिपोर्ट 2019 की रिपोर्ट के अनुसार 20 फीसदी पुलिस कर्मियों ने पुलिस स्टेशनों में लेडीज टॉयलेट न होने की शिकायत की थी। इस सर्वेक्षण में 21 राज्यों में 12 हजार पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया था। साल 2019 में जारी इस रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश लेडीज टॉयलेट की कमी व खराब स्थिति के मामले में चौथे स्थान पर है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.