अजय कुमार लल्लू बोले- नए जुमलों के साथ पेश किया बजट

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लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को अपना पांचवा और पूर्ण बजट विधानसभा में पेश किया। जिसके तुरंत बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बजट को नए जुमलों के साथ पेश किया गया बजट बताया। अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार के बजट के तुरंत बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सेव डेमोक्रेसी, सेव इंडिया जॉइन कांग्रेस सोशल मीडिया कैम्पेन की शुरुआत की। इस कैम्पेन के तहत कांग्रेस सीधे जनता से समस्यओं को उठाएगी।

कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश मे विरोध करना आज पाप हो गया है, ये सरकार विरोध को कुचल रही है, लोकतंत्र को कुचल रही है।
कांग्रेस ने अपने कैम्पेन शुरुआत करते हुए ‘मिलाएं हाथ से हाथ, जुडे कांग्रेस के साथ’ का नारा भी दिया। साथ ही कांग्रेस ने मिस्ड कॉल नंबर और व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि देश वासियों की आवाज़ कैसे तेज़ हो, गरीबों की बात रखे, तानाशाही को खत्म करने के लिए, सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ, मीडिया के ऊपर भी दबाब बना रही सरकार, इन सब आवाज़ों को एकत्रित करने के लिये कांग्रेस ने ये अभियान शुरू किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज सभी परेशान हैं, सभी की आवाजों को उठाने के लिए सोशल मीडिया ही है, इसलिए कांग्रेस अपना सोशल मीडिया के प्लेटफार्म को मज़बूत करेगा।

यूपी बजट पर बोले अजय कुमार लल्लू

यूपी सरकार के 2021 के बजट पर बोले हुए अजय कुमार ने कहा कि  यूपी सरकार ने आज फिर नए जुमलों के साथ बजट को पेश किया है। किसानों के साथ धोखा, नौजवानों के साथ विश्वासघात, गरीब वंचितों के लिए कोई योजना नही। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का बजट विकास से कोसों दूर रहा है। 2017 में सरकार आई तो इन्होंने कृषक समृद्धि आयोग का गठन किया, 2017 से आज तक एक भी बैठक इस आयोग की नही हुई। इस साल नया जुमला बोला गया, आत्मनिर्भर कृषि संमोनीत विकास योजना भी जुमला साबित होगा।

सरकार का रिकॉर्ड भी झूठा है- लल्लू

लल्लू ने यूपी के बजट पर आगे बोलते हुए कहा कि बजट में किसानो के लिए भी कुछ नही है, सरकार ने मुआफ़्ज़े के नाम पर सिर्फ दिखावा किया है। किसान को लाठी दी जा रही, डीजल, पेट्रोल सब महंगा हो गया है। युवाओं से सरकार रोज़गार के नाम पर भी सरकार छलावा कर रही है। सरकार रोज़गार देना नही चाहती, सरकार के सारे दावे खोखले हैं। भर्तियां रुकी पड़ी हैं, अभ्यर्थी आंदोलन व धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नही हो रही है। सरकार कहती है कि जो होता है होने दो, मतलब सरकार कुछ नही चाहती है।
सरकार अबतक कोई भी उद्योग नही लगा पाई, सरकार के पास कोई योजना नही है, सिर्फ झूठ है।

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