महिलाओं के सम्मान और मानवाधिकारों को कुचल रही है योगी सरकार: कांग्रेस

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उन्नाव। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में दो लड़कियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने और एक लड़की के बेसुध पाए जाने की घटना को दिल दहला देने वाली करार देते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार सिर्फ दलित समाज को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और मानवाधिकारों को भी कुचल रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि अस्पताल में भर्ती लड़की को उपचार के लिए दिल्ली पहुंचाया जाना चाहिए।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि यूपी सरकार केवल दलित समाज को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और मानवाधिकारों को भी कुचलती जा रही है। लेकिन वे याद रखें कि मैं और पूरी कांग्रेस पार्टी पीड़ितों की आवाज़ बनकर खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाकर ही रहेंगे। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्नाव की घटना दिल दहला देने वाली है। लड़कियों के परिवार की बात सुनना एवं तीसरी बच्ची को तुरंत अच्छा इलाज मिलना जांच-पड़ताल एवं न्याय की प्रक्रिया के लिए बेहद जरूरी है।

उत्तर प्रदेश प्रभारी ने ट्वीट किया

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने ट्वीट किया कि खबरों के अनुसार पीड़ित परिवार को नजरबंद कर दिया गया है। यह न्याय के कार्य में बाधा डालने वाला काम है। आखिर परिवार को नजरबंद करके सरकार को क्या हासिल होगा ? प्रियंका ने कहा कि यूपी सरकार से निवेदन है कि परिवार की पूरी बात सुनें एवं त्वरित प्रभाव से तीसरी बच्ची को इलाज के लिए दिल्ली शिफ्ट किया जाए।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर सवाल किया कि आखिर उत्तर प्रदेश से महिलाओं के खिलाफ अपराध की खबरें आना कब बंद होंगी? यही एक सवाल मन में आ रहा है। इन लड़कियों का क्या कसूर था? क्या लड़की होना उत्तर प्रदेश में सजा है? यह कब तब चलेगा? सुप्रिया ने कहा कि यह सब हो रहा है कि क्योंकि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है। अगर सरकार जाग जाए तो महिलाएं सुरक्षित हो जाएंगी। योगी जी, जाग जाइए।

क्या है मामला ?

यूपी के उन्नाव जिले के असोहा इलाके के बबुरहा गांव के बाहर बुधवार को दलित समुदाय की तीन लड़कियां बेसुध मिलीं। अस्पताल ले जाने पर उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बबुरहा गांव में एक ही परिवार की 15,14 और 16 साल की तीन लड़कियां दोपहर करीब तीन बजे जानवरों के लिए चारा लेने घर से निकली थीं। देर शाम तक वापस ना आने पर परिजनों ने उनकी तलाश की तो वे तीनों गांव के बाहर खेत में बेसुध पड़ी मिलीं। वे एक दुपट्टे से बंधी हुई थीं।
उन्होंने कहा कि दो लड़कियों की मौत हो गई और तीसरी लड़की को गंभीर हालत में उन्नाव जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे कानपुर रेफर कर दिया गया।
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