गाजियाबाद में कांग्रेस नेता और ट्विटर समेत 9 पर एफआईआर

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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का वीडियो वायरल होने पर बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने नौ लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। इसमें दो कांग्रेस नेता और ट्विटर इंडिया भी शामिल हैं। इनपर लोनी में हुई घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग मुस्लिम को पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई। पुलिस की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय पर की गई है जब इस पूरे मामले ने सियासी रंग ले लिया है। राहुल गांधी ने जहां इस पर सवाल खड़े किए वहीं सीएम योगी ने उन्हें यूपी को बदनाम न करने की नसीहत दी थी। जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें अय्यूब और नकवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि जुबैर फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के लेखक हैं। डॉ शमा मोहम्मद और निजामी कांग्रेस के सदस्य हैं, जो पूर्व में टीवी बहस के दौरान पार्टी का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष उस्मानी को कांग्रेस ने पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतारा था।

लोनी की घटना पर एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस की जांच में पाया गया कि घटना 5 जून की थी और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति और उसके साथ दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति पूर्व परिचित थे। उसने उन व्यक्तियों को ताबीज बेचे थे, सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने पर उन्होंने उसके साथ मारपीट की। 14-15 जून की रात को गाजियाबाद पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से प्रेस विज्ञप्ति से स्पष्ट किया कि घटना व्यक्तिगत विवाद से हुई है। इसके बावजूद धार्मिक वैमनस्यता और प्रदेश में माहौल खराब करने के लिए 5 व्यक्ति और एक मीडिया ग्रुप ने अपने ट्वीट को डिलीट नहीं किया। ना ही सही तथ्यों का अपने अगले संदेश में उल्लेख किया। ट्विटर कॉरपोरेशन और ट्विटर कम्यूनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भी धार्मिक झूठे ट्वीट हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए थाना लोनी में इन सबके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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