कोरोनाकाल में छांव फाउंडेशन और शीरोज हैंगआउट का फूड डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव

एसिड अटैक सर्वाइवर को बिना किसी कमाई के अपने घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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लखनऊ। वर्तमान समय में पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जूझ रहा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए छांव फाउंडेशन और शीरोज हैंगआउट ने अपने ‘स्माइल गोल है’ अभियान के तहत कोविड फूड डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव शुरू किया है। आगरा और लखनऊ में पिछले 16 दिनों से लगातार शीरोज हैंगआउट कैफे गरीबों, मलिन बस्तियों में रहने वाले मजदूरों और कोविड हॉस्पिटल के जरूरतमंदों तक निरंतर भोजन पहुंचाने का काम कर रहा है।

महामारी के कारण हुए भारी वित्तीय नुकसान के कारण, आगरा और लखनऊ में शीरोज हैंगआउट कैफे के दोनों आउटलेट बंद कर दिए गए थे। महामारी के कारण पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुए, जिससे लोग कैफे इत्यादि में नहीं आ रहे, जिसके चलते पिछले साल से एसिड अटैक फइटर्स द्वारा संचालित, शीरोज कैफे घाटे में चल रहा है। कैफे बंद होने के कारण यहां काम कर रहीं सभी एसिड अटैक सर्वाइवर को बिना किसी कमाई के अपने घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस फूड डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव के माध्यम से, एसिड अटैक सर्वाइवर्स और कर्मचारियों को कैफे में वापस आकर समाज के लिए अपना योगदान देने का अवसर प्राप्त हुआ और इसलिए छांव फाउंडेशन और शीरोज हैंगआउट ने अनिश्चितता के लंबे विराम के बाद शीरोज हैंगआउट कैफे को चालू किया। इससे सर्वाइवर्स न सिर्फ मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुए समाज सेवा कर रहे बल्कि अपने परिवार की भी सहायता पा रहे हैं। एसिड अटैक सर्वाइवर्स इस फ़ूड डिस्ट्रीब्यूशन के माध्यम से सभी समर्थकों, साथियों को धन्यवाद भी करना चाहते हैं, जिन्होंने समय समय और इन सब की सहायता की।

छांव फाउंडेशन ने बताया कि हम अपने खाने के पैकेट को ‘हैप्पी मील’ कहते हैं क्योंकि हमारा मकसद उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना है जो इस मुश्किल समय में दो वक्त की रोटी भी जुटाने में असक्षम हैं। बताया कि हमारे पास एफएसएसएआई प्रमाणन है, जो हमें सभी सुरक्षा मानक के अनुकूल बनाता है। हम स्वच्छता का अत्यधिक ध्यान रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हम हैंड सैनिटाइजर, फेस मास्क और गार्ड, हाथ के दस्ताने जैसी सावधानी बरतते हुए  भोजन की सुरक्षित डिलीवरी कर सकें। हम पोषक तत्वों से भरपूर भोजन परोसते हैं। सब्जी, दाल-चवाल, रोटी, रायता और एक पौष्टिक सलाद हमारा हैप्पी मील बॉक्स बनता है। मेनू को आवश्यकताओं और बजट के अनुसार बदला जाएगा। हम आगरा और लखनऊ में प्रमुख जिला अस्पतालों, उनके रोगियों और कर्मचारियों के लिए आइसोलेशन वार्ड, टीकाकरण टीमों , आदि के लिए भोजन सुनिश्चित कर रहे हैं, इसके अलावा, अस्पतालों और पूरे शहरों में बहुत सारे बेघर लोग मलिन बस्तियों में रहने वाले मजदूरों हैं जो एक दिन में एक भी भोजन नहीं कर सकते हैं, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे खाली पेट न सोएं। हम इस अभियान को जारी रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन फंड की कमी के कारण हमारा बजट जल्द ही समाप्त होने वाला है और हम लोगों से आगे आने और इस अभियान को सफल बनाने का निरंतर आग्रह कर रहे हैं।

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