पॉप स्टार से लेकर पूर्व पॉर्न स्टार तक किसान आंदोलन

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नई दिल्ली। मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान करीब 70 दिनों से आंदोलन पर बैठे हैं। नए कृषि कानूनों को जहां विपक्ष और किसान काला कानून बताकर इसे वापस लेने की मांग पर अड़े हैं और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं, गृह मंत्रालय ने किसानों के प्रदर्शन स्थल सिंघू, गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन इन सब के बीच अब किसानों के समर्थन में ग्लोबल सेलिब्रिटीज भी अपनी आवाज उठाने लगे हैं।

किसान आंदोलन को दुनिया की कई बड़ी हस्तियों का समर्थन मिल रहा है। नॉर्वे की 18 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग, पॉप सिंगर रिहाना, हॉलीवुड एक्ट्रेस अमांडा, वकील और अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस, पूर्व पॉर्न एक्ट्रेस मिया खलीफा समेत विदेश की कई सेलिब्रिटी ने किसानों को अपना समर्थन दिया है। इन सभी सेलिब्रिटी के बयान पर विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रक्रिया दी है।

रिहाना ने क्या कहा ?

पॉप स्टार रिहाना और एनवायरनमेंट एक्टिविस्ट ग्रेटा ग्रेटा थनबर्ग के बाद एडल्ट इंडस्ट्री से अलविदा ले चुकीं मिया खलीफा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंटरनेट सेवा को बंद किए जाने को मानव अधिकार का उल्लंघन बताया।

दरअसल, कैरेबियन पॉप स्टार रिहाना ने मंगलवार शाम को किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी एक खबर शेयर की। यह खबर किसानों के प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट बंद करने को लेकर थी। रिहाना ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह खबर शेयर करते हुए लिखा कि हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे? रिहाना ने हैशटैग  फार्मर्स प्रोटेस्ट के साथ ये ट्वीट किया था। जिसके बाद धड़ाधड़ समर्थन और विरोध में ट्वीट होने लगे।

ग्रेटा थनबर्ग ने क्या कहा ?

वहीं, रिहाना के ट्वीट के बाद एनवायरनमेंट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भी किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट कर दिया। ग्रेटा ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर वही खबर शेयर की जो रिहाना ने की। ग्रेट ने खबर शेयर करते हुए लिखा कि हम भारत में जारी किसान आंदोलन के साथ एकजुटता के साथ खड़े हैं।

बता दें, कि ग्रेटा थनबर्ग को साल 2019 में अमेरिकी मैग्जीन टाइम ने ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया था। ग्रेटा थनबर्ग उस वक्त ज्यादा चर्चा में आईं जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी नोक झोंक हुई थी।

मिया खलीफा ने क्या कहा ?

इन सब के बाद पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा ने भी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में अपने हाजिरी दर्ज की है। पॉर्न इंडस्ट्री में कई वर्षों तक काम कर  लोकप्रियता बटोर चुकीं अमेरिकी-लेबनानी मिया खलीफा ने 2014 में पॉर्न फिल्मों में एक्टिंग शुरू की थी और 2 महीने में ही सबसे ज्यादा देखी जाने वाली पॉर्न एक्ट्रेस बन गईं। अब उन्होंने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है।

मिया खलीफा ने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली में इंटरनेट भी बंद कर दिया है। साथ ही उन्होंने आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं की एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें लहराए जा रहे पोस्टर पर लिखा है किसानों की हत्या करना बंद करो।

लव दा वे यू लाइ : चेतन

किसान आंदोलन को लेकर अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना के ट्वीट पर कई बॉलीवुड हस्तियों के हमले के बाद अब लेखक चेतन भगत ने भी तंज कसा है। चेतन भगत ने रिहाना के ही गाने के बोल का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा है। चेतन भगत ने तंज कसते हुए लिखा है, मुझे रिहाना का यह गाना सबसे ज्यादा पसंद है,  लव दा वे यू लाइ। इसका हिंदी अर्थ हुआ, मुझे तुम्हारा झूठ बोलने का अंदाज पसंद है। चेतन भगत के इस ट्वीट पर तमाम यूजर्स ने उनका समर्थन किया है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने चेतन भगत को ट्रोल करते हुए लिखा है कि आप सरकार की चमचागीरी कर रहे हैं।

यह दुखद है : विदेश सचिव

विदेश सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि यह दुखद है। बहुत से लोग अपने एजेंडा को पूरा करने के लिए इस प्रोटेस्ट का सहारा ले रहे हैं। ऐसे लोगों को कमेंट करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। फैक्ट्स चेक करें। सोशल मीडिया पर इसे सेंसेशनल न बनाएं। संसद में चर्चा के बाद ही इस बिल को पास किया गया है।

कंगना के तल्ख तेवर

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट ने रिहाना को जवाब दिया। कंगना ने सोशल मीडिया पर रिहाना को टैग करते हुए लिखा कि इस बारे में कोई बात इसलिए नहीं कर रहा, क्योंकि वे किसान नहीं, बल्कि आतंकी हैं। वे भारत को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लालची चीन इस बंटे हुए भारत पर कब्जा कर सके, उसे उपनिवेश बना सके। जैसा उसने अमेरिका के साथ किया। बेवकूफ, तुम चुपचाप बैठो। हम तुम्हारी तरह अपने देश को बेच नहीं सकते

क्या बोले मनोज तिवारी ?

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी का कहना है कि रिहाना को इस मामले में पूरी समझ नहीं है, आधी नॉलेज काफी खतरनाक होती है। मनोज तिवारी ने कहा कि 26 जनवरी को दिल्ली में जिस तरीके से गुंडागर्दी हुई है, उसकी तस्वीरें हमने रिहाना को भेजी हैं और कहा है कि वो इस मसले पर बात करना चाहते हैं बीजेपी के सांसद ने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में ऐसे स्टार को बोलना शोभा नहीं देता है। हम ऐसी टिप्पणी का विरोध करते हैं, हमें भ्रम फैलाने वालों के साथ नहीं जाना चाहिए। मनोज तिवारी ने कहा कि आम लोग सब समझते हैं।

राहुल, रिहाना और  रैकेट

उधर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी किसानों के जरिए लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। किसानों के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान के जवाब में संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि वे चाहते हैं कि सड़कों पर लड़ाई हो और राहुल गांधी किसान बंधुओं के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस का शीर्षक है- राहुल, रिहाना और रैकेट।

राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि सरकार किसानों के प्रदर्शन स्थल पर किलेबंदी कर रही है, क्या किसान देश के दुश्मन हैं। इस पर संबित पात्रा ने जवाब देते हुए कहा कि भारत की सरकार कील बिछाकर किलेबंदी कर रही है। आप ही लोगों ने 26 जनवरी को ये प्रश्न किया था कि दिल्ली पुलिस क्यों प्रीवेंट नहीं कर सकी। आज जब प्रीवेंटिव मेजर ले रही है तो आपको दिक्कत है।

तो आपको दिक्कत हो रही

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने धमकाया कि कोई पीछे नहीं हटेगा, बातचीत में हम विश्वास नहीं रखते हैं। राहुल जी ये तो किसानों का आंदोलन हैं और किसानों ने कहा है कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई सरोकार नहीं है। फिर आप उनके पैरोकार क्यों बन रहे हैं? ये उनकी अपरिपक्वता है।

उन्होंने कहा कि आप चाहते थे कि गोली चले, किसान पुलिस आपस में लड़ जाए, लाशें बिछ जाएं वो नहीं हुआ तो आपको दिक्कत हो रही है। कुछ लोग तिरंगे झंडे की जगह धार्मिक झंडे फहरा दिए तब आप कह रहे थे कि ये बीजेपी के लोग हैं जो किसानों को बदनाम कर रहे हैं और जब उनको गिरफ्तार किया जा रहा तब आप उनको लीगल एड देने और उनके गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं इसका अर्थ है ये आपके ही लोग हैं।

रिहाना के ट्वीट पर संबित पात्रा का जवाब

किसान आंदोलन पर जानी पॉप स्टार रिहाना के ट्वीट को लेकर संबित पात्रा ने कहा कि राहुल जी रिहाना और मिया खलीफा संसद और सुप्रीम कोर्ट के बारे में नहीं जानते है, लेकिन आप तो इसे समझते है। ना राहुल को कुछ मालूम नहीं ना रिहाना को मालूम नहीं। दोनों ही खरीफ और रबी का अंतर नहीं जानते। रिहाना तब क्यों चुप रहीं जब कैलिफोर्निया में महात्मा गांधी के स्टेच्यू को तोड़ दिया गया।

उन्होंने राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे विदेश क्यों जाते हैं आज ये क्लियर है। वो हिंदुस्तान विरोधी प्रपंच में शामिल होते हैं। वे ऐसे लोगो से मिलते हैं और भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा रचते है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि ये सरकार सबको मारना चाहती है. नहीं, ये सरकार सबका साथ सबका विश्वास और सबका विकास चाहती है। ये निंदनीय है। सब कैसे विकास करे, सब कैसे उभरे, ये सरकार की चाहत है।

एम शब्द पर मंथन

बता दें कि राहुल गांधी ने बुधवार को एक ट्वीट कर कहा था कि अधिकतर तानाशाहों के नाम एम से क्यों शुरू होतें हैं। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी के इस ट्वीट पर जवाब दिया कि लगता है वे ए, बी, सी, डी सीख रहे हैं और एम पर पहुंचे हैं। आज वे मिया खलीफा की भी तारीफ कर रहे हैं, उनका नाम भी एम से शुरू होता है। मनमोहन सिंह और महात्मा गांधी का नाम भी एम से है।

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन को लेकर ग्लोबल सेलिब्रिटीज के ट्वीट पर कहा कि ये हमारे देश का अंदरूनी मामला है, ये किसानों का मुद्दा है और सरकार को हर हाल में नए कृषि कानूनों को वापस लेना ही पड़ेगा।

सड़क, संसद और सोशल मीडिया

फिलहाल किसान आंदोलन को लेकर देश-विदेश में आवाज़ अब और बुलंद होने लगी है और संसद में चल रहे बजट सेशन के दौरान पर नए कृष कानूनों को लेकर हंगामा है, लेकिन किसान जहां इस बिल की वापसी पर अड़े हैं तो वहीं सरकार भी झुकने को तैयार नहीं। जिसका नतीजा ये है कि अब सड़क से लेकर संसद के बाद किसानों आंदोलन की लड़ाई सोशल मीडिया के जरिए ग्लोबली होती नजर आ रही है।

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