महाराष्ट्र में होम आइसोलेशन बंद

अब कोरोना मरीजों को जाना पड़ेगा कोविड सेंटर

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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने होम आइसोलेशन पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब नए मरीजों को कोविड सेंटर जाना होगा। ये फैसला महाराष्ट्र के 18 जिलों में लागू होगा। इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य के 18 जिलों में होम आइसोलेशन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। ये 18 जिले वो हैं जहां पॉजिटिविटी रेट काफी ज्यादा है। ऐसे में इन जिलों के मरीजों को कोविड सेंटर जाना होगा. इन्हें होम आइसोलेशन में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि राज्य के 18 जिलों में कोरोना महामारी के मरीजों का पॉजिटिविटी रेट अभी भी काफी ज्यादा है। लिहाजा इन जगहों पर होम आइसोलेशन को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। अब यहां के कोरोना मरीजों को कोविड सेंटर में जाना होगा। अब राज्य में सभी नए कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन की जगह कोविड सेंटर में रहना होगा। टोपे ने बताया कि राज्य का रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है। आशा वर्कर्स को कोरोना टेस्टिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि हमने उन 18 जिलों के मरीजों के लिए होम आइसोलेशन रोकने का फैसला किया है जहां पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है। इन जिलों के मरीजों को क्वार्ंटीन सेंटर जाना होगा, होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने ब्लैक फंगस को अधिसूचित बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है।

राजेश टोपे ने बताया कि राज्य के कई जिलों में कोरोना के मामले कम नहीं हो रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है। यह भी पता चला है कि लोग होम आइसोलेशन में रहने के दौरान लोग घर पर ना रहकर इधर उधर घूमते रहते हैं। ऐसे मरीजों की वजह से दूसरे लोग भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है।

बात करें कोरोना के कुल आंकड़ों की तो राज्य में अब तक 3 करोड़ 32 लाख 77 हजार 290 लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है. इनमें से 56 लाख 2 हजार 19 लोक अब तक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और 51 लाख 82 हजार 592 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में 27 लाख 29 हजार 301 लोग होम क्वारंटीन हैं और 24 हजार 932 लोग इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन हैं।

राज्य में 3 लाख से ज्यादा एक्टिव केस
फिलहाल राज्य में 3 लाख 27 हजार 580 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं। यानी एक्टिव पॉजिटिव केस में भी कमी आ रही है। पुणे जिला जो एक्टिव पॉजिटिव केस के मामले में न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि देश में नंबर वन था, वहां एक्टिव केस अब 50 हजार से भी कम हो गए हैं। फिलहाल पुणे में 48 हजार 258 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं। मुंबई महापालिका क्षेत्र में एक्टिव पॉजिटिव केस 28 हजार 299 हैं। इसी तरह ठाणे और नागपुर की बात करें तो ठाणे में एक्टिव पॉजिटिव केस की संख्या 24 हजार 337 और नागपुर में एक्टिव पॉजिटिव केस की संख्या 16 हजार 562 हैं।

यहां बंद हुए होम आइसोलेशन
महाराष्ट्र में अभी भी कई जिले ऐसे हैं जो कोरोना महामारी की वजह से रेड जोन में है। यहां अभी भी लगातार कोरोना का खतरा बरकरार है। इन जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से भी ज्यादा है। इनमें कोल्हापुर, सांगली, सातारा, यवतमाल, अमरावती,रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सोलापुर, अकोला, बुलढाणा, वाशिम, गडचिरोली, अहमदनगर और उस्मानाबाद जैसे जिले शामिल हैं।

कम हो रहे हैं कोरोना मामले
महाराष्ट्र में लगाए गए आंशिक लॉकडाउन की वजह से अब राज्य में कोरोना मामलों में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई है। इसका सीधा असर अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राज्य के अन्य अस्पतालों पर भी पड़ा है। अब अस्पतालों में मरीजों की संख्या धीरे धीरे कम हो रही है और अन्य मरीजों को आसानी से बेड उपलब्ध हो रहा है।

सारी वैक्सीनेशन की डोज उपलब्ध
उधर, महाराष्ट्र में पुणे के दीनानाथ मंगेशकर प्राइवेट अस्पताल जिन लोगों की कमाई कम है उन्हें मुफ्त में वैक्सीन लग रही है। डॉ. योगेश ने बताया कि हमारे पास काफी सारी वैक्सीनेशन की डोज उपलब्ध हैं। हमारी तैयारी है कि दिन में कम से कम 1800-2000 लोगों को वैक्सीन लगाएं। हमारी कोशिश है कि जो लोग पैसे नहीं दे पा रहे हैं ऐसे कम से कम 100-200 लोगों को वैक्सीन दें। 45 वर्ष से अधिक और 18-44 वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन अप्वाइंटमेंट के द्वारा कर रहे हैं। जिनकी सालाना कमाई 1.5 लाख से कम है, हम उनको मुफ्त में वैक्सीन देंगे।

महाराष्ट्र में जानलेवा हो रहा ब्लैक फंगस
कोरोना संक्रमण से जंग लड़ रहे महाराष्ट्र में अब म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) अपना कहर बरपा रहा है। राज्य में ब्लैक फंगस से अभी तक 120 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा पुणे में 27 लोगों की मौत हुई। इससे नांदेड़ में 22 और मुंबई में 5 लोगों की मौत हुई है। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के चलते महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने राज्य में इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि  फिलहाल पॉजिटिविटी रेट 12 फीसदी है और रिकवरी रेट 93 फीसदी. राज्य में ब्लैक फंगस के 2245 मामले हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों का राज्य के अस्पतालों में महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त में इलाज किया जाएगा।

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