लखनऊ: फर्जी खाते खोल ऑनलाइन ठगी करने वाले दो चीनी चढ़े ATS के हत्‍थे

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लखनऊ। साइबर इकोनामिक फ्रॉड के मामले में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले सप्ताह साइबर फ्रॉड करने वाले 14 शातिर को उत्तर प्रदेश और दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को इस मामले में दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। नोएडा से गिरफ्तार इन चीनी नागरिकों के नाम पोचंली टेंगली उर्फ ली टेंग ली और जू जुंफी उर्फ जुलाही हैं। आपराधिक गतिविधियों के लिए यह शातिर गिरोह फर्जी आइडी से सिम कार्ड हासिल कर ऑनलाइन खाते खोलकर लेनदेन कर रहा था। एटीएस टेरर फंडिंग और हवाला नेटवर्क के लिंक भी तलाश रही है।

चीनी नागरिक के पास मिले प्री एक्टीवेटेड सिम

यूपी एटीएस की शुरूआती पूछताछ में सामने आया है कि दोनों चीनी नागरिक विभिन्न डिस्टीब्यूटरों और ररटेलरों के माध्यम से जिन्हें पहले गिरफ्तार किया जा चुका है, आरोपी चीनी नागरिकों के पास से प्री एक्टीवेटेड सिम कार्ड प्राप्त करते थे। प्री एक्टीवेटेड सिम गुरुग्राम स्थित एक होटल के चीनी मालिक के निर्देश पर चीनी मैनेजर को उपलब्ध कराते थे। इनमें से एक चीन में रहता है, जिससे अभियुक्त वीचैक ऐप के माध्यम से जुड़े थे।

फर्जी आइडी से लेते थे सिम कार्ड

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस को अहम सफलता मिली है। 14 शातिरों को गिरफ्तार करने के बाद दो चीनी नागरिकों को भी पकड़ा गया है। यह गिरोह बनाकर फर्जी आइडी से सिम कार्ड हासिल करते थे। उस प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड से विभिन्न बैंकों में ऑनलाइन खाते खोलते थे। फिर आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को उन खातों में डालकर कुछ ही समय में कार्डलेस ट्रांजेक्शन कर लेते थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में अन्य जांच एजेंसियों की मदद लेकर पता लगाया जा रहा है कि इन पैसों का किस काम में प्रयोग हो रहा है। चूंकि चीनी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई है इसलिए चीनी दूतावास को सूचना दी जा रही है।

बता दें यूपी एटीएस ने पिछले सप्ताह वितरकों-रिटेलरों से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड लेकर दिल्ली में बेचने वाले प्रेम सिंह समेत 14 शातिरों को दबोचा था। एटीएस ने पिछले शनिवार को मुरादाबाद, अमरोहा, संभल सहित दिल्ली में छापेमारी की थी। इस गिरोह में विदेशी नागरिकों को शामिल होने की आशंका के बाद लुकआउट नोटिस जारी किया जा रहा था। पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली में इस तरह करीब 1500 सिम बेचे गए। करीब पचास लाख रुपये ट्रांजेक्शन की बात सामने आ रही है।

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