नामजद आरोपी ने खेत में लगाई फांसी, पुलिस पर उत्पीडन का आरोप

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मेरठ। जिले में गंगानगर के मीनाक्षीपुरम निवासी अधिवक्ता ओमकार तोमर के सुसाइड प्रकरण नया मोड़ सामने आया है। इस प्रकरण में नामजद संजय मोतला ने बुधवार रात अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह दादरी गांव का रहने वाला था। मौके पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने शव कब्जे में नहीं लेने दिया। ग्रामीण एसएसपी को मौके पर ही बुलाए जाने की मांग कर रहे थे। देर रात करीब ढाई बजे पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।

परिजनों को जब संजय मौतला के सुसाइड की जानकारी लगी तो घर में मातम पसर गया। सूचना पर दौराला पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने शव को पेड़ से उतारने से इंकार कर दिया। ग्रामीण मौके पर एसएसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। देर रात करीब ढाई बजे मौके पर पहुंचे एसएसपी ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा। एसएसपी के आश्वासन के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों का आरोप है कि संजय ने पुलिस के उत्पीड़न से परेशान होकर सुसाइड किया है। अधिवक्ता सुसाइड प्रकरण में बिना वजह उनके और उनके परिवार के लोगों के नाम दर्ज कराए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिवक्ता प्रकरण में पुलिस वकीलों के दबाव में काम कर रही है। पुलिस निर्दोष लोगों के घरों में दबिश देकर उनका उत्पीड़न कर रही है। इसी उत्पीड़न के चलते संजय ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल अधिवक्ता ओमकार तोमर ने शनिवार को घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में दौराला के दादरी निवासी संजय मोतला समेत 14 पर केस दर्ज है। संजय मोतला ओमकार तोमर के बेटे लव तोमर की पत्नी स्वाती का चचेरा भाई था। वह खतौली रोडवेज डिपो में एआरएम का ड्राइवर था।

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