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चोरी की 15 लग्ज़री कारें दिल्ली पुलिस ने कीं बरामद, तस्वीर आई सामने
चोरी की 15 लग्ज़री कारें दिल्ली पुलिस ने कीं बरामद, तस्वीर आई सामने

चोरी की 15 लग्ज़री कारें दिल्ली पुलिस ने कीं बरामद, तस्वीर आई सामने

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की एएटीएस टीम ने चोरी के वाहन खरीदने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी की 15 लग्ज़री कारें बरामद की हैं। डीसीपी (सेंट्रल दिल्ली) श्वेता चौहान ने बताया कि दोनों आरोपी अब तक चोरी की 500 से ज़्यादा वाहनों की खरीद-फरोख्त कर चुके हैं और मामले में आगे की कार्यवाही जारी है।
मेरठ में गाड़ियां काटने वाले मार्केट को यूपी सरकार ने बंद कर दिया तो लग्जरी गाडियां चोरी करने वाले गिरोह ने पुणे को अपना बेस बना लिया। इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने दो सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान 24 साल के अजहरुद्दीन (Azharuddin) उर्फ अज्जू और 38 साल के अल्ताफ कासम अत्तर (Altaf Kasam Attar) के तौर पर हुई है। ये धंधा ऑन डिमांड चलता था. पुलिस ने इनसे 15 चोरी की लग्जरी गाडियां बरामद की हैं। ये लोग 2019 से अब तक 500 से ज्यादा गाडियां बेच चुके हैं।
दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी श्वेता चौहान (Shweta Chauhan) के मुताबिक, एएटीएस (AATS) इंचार्ज संदीप गोदारा की टीम ने इन दोनों आरोपियों को पकड़ा है। इनपुट मिला था कि अजहरुद्दीन, मेरठ के रहने वाले इंतजार और भूरा से चोरी के वाहन की डिलीवरी लेने के लिए आएगा। पुलिस से बचने के लिए डैमेज कार के रजिस्ट्रेशन नंबर को गाड़ी पर लगाया गया होगा ताकि चोरी की कार आसानी से सड़क के रास्ते पुणे तक जा सके।
11 मई को आरोपी अजहरुद्दीन चोरी की कार गुजरात में डिलीवर करने के बाद जहाज से दिल्ली (Delhi) आया। इसके बारे में सूचना पर उसे मुखबिर की निशानदेही पर डॉमेस्टिक एयरपोर्ट के बाहर से पकड़ लिया। इसके पास से एक कार की डुप्लीकेट चाबी मिली। वह चाबी चोरी की बलेनो (Baleno) कार की थी जिसे पुलिस ने जीबी पंत हॉस्पिटल के पीछे से रिकवर किया। आरोपी ने बताया वह चोरी की कार इंतजार और भूरा से खरीदने के बाद पुणे महाराष्ट्र के लिंक की मदद से अल्ताफ कसम अत्तर को बेचता है। वह वाहन चोरी गैंग का सदस्य है। इससे हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने अल्ताफ को पुणे जाकर एक वर्कशॉप से दबोच लिया। उस वक्त वह इनोवा (Innova) कार को काट रहा था। इस आरोपी ने बताया अज्जू चोरी की कार कंटेनर के जरिए पुणे तक भेजता था।
इससे पहले वह उस वाहन का इंजन और चेसिस नंबर (Chassis Number) बदल देता था. एक्सीडेंट में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई कार का नंबर चोरी के वाहन पर छेड़छाड़ कर लगाया जाता था। आरोपियों ने खुलासा किया वे 500 से ज्यादा कारें अब तक बेच चुके हैं। आरोपी अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू इंश्योरेंस कंपनियों से कबाड़ में एक्सीडेंटल वाहनों को खरीदता था। उन वाहनों की डिटेल ही चोरी की गाडियों में डाल दी जाती थीं। दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस (Police) ने वाहन चोरी के 8 मामले सुलझा लेने का दावा किया है।