संदिग्ध पदार्थ कैलिफोर्नियम की बिक्री करने वाले 8 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

कैलिफोर्नियम को दुनिया का दूसरा सबसे महंगा पदार्थ माना जाता है

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ की गाजीपुर थाने की पुलिस टीम ने संदिग्ध पदार्थ कैलिफोर्नियम की बिक्री करने वाले 8 अभियुक्तों को धर दबोचा इनके कब्जे से 340 ग्राम कैलिफोर्नियम और 10 हजार रुपए बरामद किए गए।

बता दें कि पुलिस कमिशनर डीके ठाकुर द्वारा अपराधियों व वांछित अभियुक्तों और तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एन चौधरी व पुलिस उपायुक्त (उत्तरी जोन) रईस अख्तर व अपर पुलिस आयुक्त (उत्तरी जोन) प्राची सिंह के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त सुनील कुमार शर्मा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर प्रशांत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में थाना गाजीपुर पुलिस टीम द्वारा लॉकडाउन के अनुपालन के दौरान संदिग्ध पदार्थ कैलिफोर्नियम की तस्करी करने वाले 8 अभियुक्तों को पॉलीटेक्निक चौराहे के पास से  गिरफ्तार किया गया।

एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अभिषेक चक्रवर्ती निवासी कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी कृष्णानगर (लखनऊ), महेश कुमार निवासी नेवादा न्यू एरिया, जिला- बिहार, रविशंकर निवासी थाना- शाहजहांपुर, जिला-पटना, बिहार, अमित कुमार सिंह मानसनगर कृष्णानगर (लखनऊ), शीतल गुप्ता उर्फ राज गुप्ता गुलजार नगर बाजारखाला (लखनऊ), हरीश चौधरी लौकिहवा, जिला- बस्ती, रमेश तिवारी निवासी कठौतिया सांवडी पैकुलिया, जिला-बस्ती और श्याम सुंदर, गांधीनगर, जिला- बस्ती हैं। इन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे के पास से मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा, दारोगा कमलेश राय व उनकी टीम ने पकड़ा है। इनके पास से कैलिफोर्नियम पदार्थ के अलावा, 10 हजार रुपए, एक कार वैगनआर, स्कूटी और बाइक बरामद की गई है।

पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि यह कैलिफोर्नियम पदार्थ है। इसके बाद इसकी पड़ताल शुरू की गई। कई वैज्ञानिकों को दिखाया गया पर वह कुछ सही बात बता नहीं सके। अधिकारियों को जानकारी देने के बाद परीक्षण के लिए इसके आइआइटी कानपुर भेजा जा रहा है। एडीसीपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के तार खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही अभिषेक और महेश के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। उनकी कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही है। किन किन लोगों के यह संपर्क में थे। ऐसा तो नहीं कि इनके संपर्क विदेशों में भी हों। हालांकि फौरी जांच में पता चला है कि यह लोग चोरी का माल बेचने के काम करते थे

इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि महेश और रविशंकर बिहार से इसे लेकर आए थे। वहां कोयले की खदान में काम करने वाले किसी व्यक्ति ने दिया था। उसने भी बताया था कि यह कैलिफोर्नियम पदार्थ है। बहुत महंगा बिकता है। उसकी बिक्री करने के लिए यह दोनों लखनऊ ले आए थे। इसके बाद से ग्राहक तलाश रहे थे। इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्रा के मुताबिक महेश और रविशंकर ने लखनऊ आकर कैलिफोर्नियम की बिक्री के लिए अभिषेक से संपर्क किया। इसके बाद अभिषेक बीते जनवरी माह से गिरोह के साथ कैलिफोर्नियम लेकर बिक्री के लिए घूम रहा था। जनवरी के आखिरी सप्ताह में अभिषेक ने गोमतीनगर निवासी प्रापर्टी डीलर शशिलेश से संपर्क किया था। शशिलेश से सौदा तय हुआ था। शशिलेश को माल दिखाकर उससे 1.20 लाख रुपये भी ले लिए थे। शुक्रवार तड़के शशिलेश को अभिषेक ने फिर बात करने के लिए पॉलीटेक्निक चौराहे पर बुलाया था। शशिलेश की सूचना पर वहां पुलिस टीम लगा दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह को दबोच लिया।

बता दें कि कैलिफोर्नियम को दुनिया का दूसरा सबसे महंगा पदार्थ माना जाता है। इसकी बिक्री मिली ग्राम में होती है। यह प्राकृतिक पदार्थ नहीं है। लैब में मानव निर्मित पदार्थ है। इसका प्रयोग कैंसर के इलाज, एटॉमिक एनर्जी और अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाता है।

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