Thursday , October 6 2022

बड़ी संख्या में पैसेंजरों को टरमैक पर चलना पड़ा पैदल

भारत में एयरलाइंस में तकनीकी खामियां लगातार सामने आ रही हैं। जिसके चलते विमानन नियामक डीजीसीए ने कई एयरलाइंस पर सख्ती भी दिखाई हैं। इस बीच स्पाइसजेट की एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। स्पाइसजेट की हैदराबाद-दिल्ली उड़ान से शनिवार रात को उतरे यात्रियों की एक बड़ी संख्या हवाई अड्डे के रास्ते पर पैदल ही चल पड़ी। बताया जा रहा है कि एयरलाइन उन्हें टर्मिनल तक ले जाने के लिए लगभग 45 मिनट तक बस उपलब्ध नहीं करा सकी। स्पाइसजेट ने कहा कि कोचों के आने में थोड़ी देरी हुई और एक बार बसें आने के बाद, सभी यात्री, जिनमें पैदल चलना भी शामिल था, उन पर टरमैक से टर्मिनल बिल्डिंग तक गए।

स्पाइसजेट ने कहा कि हमारे कर्मचारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद कुछ यात्री टर्मिनल की ओर चलने लगे। वे मुश्किल से कुछ मीटर ही चल पाए थे कि कोच पहुंचे। जिन यात्रियों ने पैदल चलना शुरू किया था। सहित सभी यात्रियों ने कोचों से टर्मिनल भवन तक यात्रा की, यात्रियों को दिल्ली हवाई अड्डे के टरमैक क्षेत्र पर चलने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह एक सुरक्षा जोखिम है। केवल वाहनों के लिए टरमैक पर एक सीमांकित मार्ग है।  

एयरलाइंस यात्रियों को टर्मिनल से विमान तक ले जाने के लिए बसों का उपयोग करती हैं या इसके विपरीत सीमांकित पथ का उपयोग करती हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आदेशों के अनुसार, स्पाइसजेट वर्तमान में अपनी 50 प्रतिशत से अधिक उड़ानों का संचालन नहीं कर रही है।