Wednesday , May 25 2022
अखिलेश ने पीएम मोदी की विदेश निति पर सवाल उठाते हुए कहा की, विदेश नीति के मोर्चे पर भारत सरकार की विफलता नजर आने लगी है। भारत सरकार की गलत नीतियों के चलते सीमाओं पर तनाव है।

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना कहा- सरकार विदेश निति में विफल

लखनऊ। कोरोना से जहां पूरा देश लड़ रहा तो वही इन दिनों हमारे देश में सीमा विवाद को लेकर भी कई तरह की बातें हो रहीं है। इसी बीच पीएम मोदी की विदेश नीति भी कटघरे में है। मोदी सरकार इन दिनों विपक्ष के निशाने पर है चाहे वो सीमा विवाद हो या फिर कोरोना को लेकर देश में चल रहे हालात हो। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की एक तरफ कोरोना से देश जूझ रहा है तो दूसरी तरफ सीमा विवाद का संकट मड़रा रहा है ऐसे में भाजपा सरकार इन दिनों पूर्णतया असहाय नजर आ रही है।

अखिलेश ने कहा :

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को अपने जारी बयान में कहा की, पूर्वी लद्दाख में भारतीय सीमा क्षेत्र में एक महीने से चीनी सेनाओं द्वारा अतिक्रमण भारत की संप्रभुता पर चोट है। चीन विस्तारवादी नीतियों पर चल रहा है। भारत की प्रगति से उसे जलन है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के अलावा अक्साई चीन पर भी चीन की नजर है। इधर, चीन ने भारत के प्रति जो आक्रामक रवैया अपनाया है उसमें एक मुख्य कारण व्यापार भी है। कोरोना वायरस के विस्तार के बाद चीन से तमाम कंपनियां चीन छोड़ कर बाहर जाना चाहती हैं। भारत उनको आकर्षित कर रहा है। चीन के बने सामान को लेकर भारत में बहिष्कार आंदोलन भी तेजी पकड़ रहा है। चीन की अर्थव्यवस्था का इस सबसे प्रभावित होना तय है।

नेपाल सख्त तेवर में :

अखिलेश ने आगे कहा की, भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल पुलिस की ओर से अंधा-धुंध फायरिंग में एक भारतीय नागरिक की मौत और 3 के गंभीर रूप घायल होने की खबर है। मृत शख्स अपने खेत में काम कर रहा था। सीतामढ़ी के लालबंदी बॉर्डर के पास नेपाल सशस्त्र पुलिस के जवानों की इस हरकत को समझना चाहिए। नेपाल में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट भारत के खिलाफ नफरत और विरोध पैदा करने में लगे हैं। वहां के प्रधानमंत्री तो संसद में एक नक्शा पास कराने के लिए ले आए जिसमें भारत के तीन इलाकों लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया। इसके बाद से नेपाल सख्त तेवर दिखा रहा है।

अखिलेश ने पीएम मोदी की विदेश निति पर सवाल उठाते हुए कहा की, विदेश नीति के मोर्चे पर भारत सरकार की विफलता नजर आने लगी है। भारत सरकार की गलत नीतियों के चलते सीमाओं पर तनाव है। नेपाल जैसा मित्र राष्ट्र भी अब भारत को आंख दिखाने लगा है। भारत सरकार चीन और नेपाल के बदलते रवैये पर अब तक कड़ी प्रतिक्रिया देने से बचती दिखाई दे रही है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों की दृष्टि से तत्काल कठोर कदम उठाने चाहिए।

डॉ राममनोहर लोहिया ने दी थी चेतावनी :

सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा की, इस संबंध में समाजवादी नेता डॉ राममनोहर लोहिया ने दिसंबर 1950 में नागपुर में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा था की हिमालयी प्रदेशों के बारे में केवल तटस्थता या उदासीनता की नीति अपनाई जाएगी तो सियासी रिक्ति प्रस्तुत होगी। उन्होंने कहा की डॉ साहब ने ही पहली बार चीन की तिब्बत पर कुदृष्टि के मद्देनजर यह भविष्यवाणी भी की थी कि अब हिमालय के हिंदुस्तान का कुदरती संरक्षक न रहने का खतरा पैदा हुआ है।

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