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छत्तीसगढ़ में लंपी स्किन डिजीज को लेकर अलर्ट

रायपुर: मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में हजारों गायों-बैलों की मौत की वजह बने लंपी स्किन डिजीज को लेकर छत्तीसगढ़ में अलर्ट कर दिया गया है। संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं ने लंपी स्किन रोग से संक्रमितों पशुओं को स्वस्थ मवेशियों से अलग रखने को कहा है। अन्य राज्यों से पशुओं के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। बॉर्डर पर निगरानी रखी जाएगी। संक्रमित गांवों के 5 किमी की परिधि में गोटपाक्स वैक्सीन से रिंग वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए गए है। रोग ग्रस्त पशुओं का नमूना एकत्र कर रायपुर के राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजने की हिदायत दी गई है। मवेशी बाजारों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

संचालक पशु चिकित्सा ने लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए राज्य की सीमा से लगे क्षेत्रों में चेक पोस्ट लगाने तथा नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 18 जिलों की सीमा दूसरे राज्यों से जुड़ी हुई है, जहां से बीमार पशुओं के आने की संभावना है। व्यापारियों द्वारा प्रदेश में बेचने को लाए गए मवेशी रोग ग्रस्त हो सकते हैं। प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामों में प्राथमिकता के आधार पर चेक पोस्ट लगाकर नियमित जांच की जाए। गांवों में कोटवारों को भी अलर्ट किया जाए। इन गांवों में पशु मेला का आयोजन नहीं करने और पशु बिचौलियों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।  

सभी जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी
संचालक पशु चिकित्सा ने संयुक्त संचालकों, उप संचालकों और जिलों में पदस्थ अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि राजस्थान एवं गुजरात में गौवंशी मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज फैलने की जानकारी मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में लम्पी स्कीन रोग नियंत्रण के लिए सतर्कता अनिवार्य है। उन्होंने इस रोग के नियंत्रण, रोग ग्रस्त पशुओं का उपचार एवं वेक्टर कंट्रोल के लिए आवश्यक दवाइयां, दवाओं की खरीदी करने कहा है। 

छत्तीसगढ़ में लंपी का अभी कोई असर नहीं 
पंचायत विभाग व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि वेटनरी विभाग ने सभी जिलों में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। लंपी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन है। यह भारत सरकार देती है। लंपी जैसी बीमारी अभी तक छत्तीसगढ़ में दिखाई नहीं दिया है। मध्य प्रदेश में काफी मात्रा में मवेशियों में दिखाई दे रहा है। हम भी सावधानी बरत रहे हैं।