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जीएसटी की विसंगतियों के संशोधन के लिए ज्ञापन सौंपा

लखनऊ। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के बैनर तले प्रदेश के व्यापारियों का 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को केंद्रीय जीएसटी के मुख्य आयुक्त अजय दीक्षित से अशोक मार्ग स्थित कार्यालय में मिला तथा वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कैंट के प्रांतीय चेयरमैन एवं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि जीएसटी लागू करते समय केंद्र सरकार ने जीएसटी एक सरल प्रणाली है कि बात कह कर लागू किया था, किंतु अब तक 1000 से अधिक संशोधन और नए प्रावधान इसमें जोड़े जा चुके हैं।

जिससे जीएसटी प्रणाली मकड़ी के जाले की तरह उलझती जा रही है। जैसे एक वाहन एक दिन में कम से कम 100 किलोमीटर चलने का प्रावधान पहले था अब उस की जगह 200 किलोमीटर कर दिया गया है। 200 किलोमीटर वाहन के ना चलने की स्थिति में ई-वे बिल  निरस्त हो जाएगा। यह नियम लागू होने से व्यापारियों को असुविधा हो रही है। इसी प्रकार से नियम 21, 22 के अंतर्गत अधिकारी के पास व्यापारी का जीएसटी पंजीयन निरस्त करने का अधिकार आ गया है। जो व्यापारियों के उत्पीड़न का कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि सर्विस सेक्टर के व्यापारियों को उसी माह भुगतान करना पड़ता है जबकि उन्हें भुगतान बाद में मिलता है। जीएसटी में ब्याज की दर 18 फीसदी है, जो कि बहुत ज्यादा है। उसके स्थान पर 8 फीसदी से 12 फीसदी तक होना चाहिए। इसके अतिरिक्त अन्य अनेक विषय शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में कनफेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज अरोरा, कैंट के प्रदेश महामंत्री एवं आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव अशोक बाजपेयी, कानपुर के महामंत्री विनय चावला शामिल थे।

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