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अमित शाह गृह मंत्री बनने के बाद पहली बार जाएंगे ओडिशा, जानें क्या है सियासी मायने

गृह मंत्री अमित शाह रविवार की रात ओडिशा जाएंगे। उनके दौरे और स्वागत को लेकर तैयारियां जोरों पर है। गृह मंत्री बनने के बाद शाह का यह पहला ओडिशा दौरा होगा। उनके कार्यक्रमों की शुरुआत ‘श्रावण’ माह के आखिरी सोमवार को भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर के दर्शन से होगी। इसके बाद वह ओडिया बाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मस्थान का दौरा करने कटक जाएंगे।

ओडिया बाजार से इंडोर स्टेडियम तक रोड शो
शाह ओडिया बाजार से इंडोर स्टेडियम तक रोड शो का भी नेतृत्व करेंगे, जहां वह पूर्व मुख्यमंत्री हरेकृष्ण महताब द्वारा स्थापित ओडिया दैनिक ‘प्रजातंत्र’ की 75 वीं वर्षगांठ में भाग लेंगे। अखबार के वर्षगांठ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल होंगे। बीजद कार्यकर्ताओं ने भी उनके क्षेत्र में पहुंचने पर उनका एक बड़ा स्वागत करने की योजना बनाई है।
शाह कटक में भाजपा मुख्यालय में करेंगे बैठक
शाह इसके बाद कटक लौटेंगे और प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की उसके मुख्यालय में बैठक करेंगे। बाद में, वह ‘मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ के ओडिशा संस्करण का शुभारंभ करेंगे, जो 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 20 साल पूरे होने पर एक किताब है। वह सोमवार रात ओडिशा से रवाना होंगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समीर मोहंती ने कहा, ‘राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है।’ उन्होंने कहा कि शाह का सोमवार को भुवनेश्वर से कटक की यात्रा पर विभिन्न स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ता स्वागत करेंगे। शाह का स्वागत करने के लिए कई सांस्कृतिक सैनिकों को काम पर रखा गया है, जिन्हें ओडिशा में भाजपा के विकास का श्रेय दिया जाता है।
शाह ने 2019 में आखिरी बार किया था राज्य का दौरा
शाह ने आखिरी बार 2019 के चुनावों के दौरान राज्य का दौरा किया था जब उन्होंने भुवनेश्वर में एक जनसभा को संबोधित किया था। राज्य की सत्तारूढ़ बीजद और विपक्षी कांग्रेस भी शाह की यात्रा पर कड़ी नजर रखे हुए है, जो राज्य में सीबीआई और ईडी की कार्रवाई के बीच आता है।

तीन बीजद नेताओं की संपत्ति कुर्क कर चुकी है ईडी
ईडी अब तक चिटफंड मामलों में बीजद के तीन पूर्व नेताओं की संपत्ति कुर्क कर चुकी है, जबकि सीबीआई ने पारादीप बंदरगाह में गड़बड़ी के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।

शाह के दौरे का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं
कांग्रेस नेता तारा प्रसाद बहिनीपति ने दावा किया कि शाह की यात्रा बीजद नेताओं के बीच ‘भय मनोविकृति’ पैदा करेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि इसमें नेताओं के रूप में ‘व्यापारी’ नहीं हैं।

शाह के दौरे का बीजद पर नहीं पड़ेगा कोई असर
बीजद के वरिष्ठ विधायक शशिभूषण बेहरा ने कहा कि शाह के दौरे का उनकी पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘उनका दौरा भाजपा कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बीजद घबरा जाएगी।’