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फैटी लीवर की समस्या से हैं परेशान? जानें- क्या खाएं और क्या नहीं

लीवर में फैट के बढ़ने को फैटी लीवर रोग कहा जाता है। लोगों के मन में ये सवाल होता है कि आखिर इसका पता कैसे चलता है कि लिवर फैटी है या नहीं? तो बता दें कि जब शरीर में मौजूद कुल फैट की मात्रा लिवर के वजन से 10 प्रतिशत ज्यादा हो जाए तो उस स्थिति को फैटी लिवर कहते हैं। लिवर पर फैट जमने से खाना पचाने में परेशानी होने लगती है और मरीज के पेट में दर्द के साथ ही दूसरे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। परेशानी बढ़ने पर लिवर में सूजन भी आ सकती है। खान-पान पर ध्यान दिया जाए तो आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।

फैटी लीवर की समस्या में क्या खाएं?

1)अखरोट और लहसुन- अखरोट में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड फैटी लीवर वाले लोगों की मदद कर सकते है। अध्ययनों से पता चलता है कि बिना अल्कोहल फैटी लिवर रोग में अखरोट खाने से लिवर फंक्शनिंग बेहतर हो सकती है। इसी के साथ लहसुन के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण फैटी लीवर की बीमारी वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

2) ब्रोकोली – रिपोर्ट्स के मुताबिक फैटी लीवर वाले लोगों को अपने खाने में ज्यादा सब्जियों को शामिल करना चाहिए। ब्रोकली एक ऐसी सब्जी है जो न सिर्फ आपको वजन कम करने में मदद करेगी बल्कि फैटी लीवर की बीमारी में भी मदद करेगी। दूसरी सब्जियां जैसे गाजर, कद्दू, पत्तेदार साग, चुकंदर, फूलगोभी, हरा प्याज और अजवाइन फैटी लीवर की बीमारी वाले लोगों के लिए अच्छे हैं।

3) ओमेगा 3 फैटी एसिड- शोध में कहा गया है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड लीवर में फैट के लेवल और फैटी लीवर वाले लोगों में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। फैट युक्त मछली जैसे सैल्मन, टूना, सार्डिन, अलसी और अखरोट सभी ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर खाने की चीजे हैं।

4) एवोकाडो- एवोकाडो में मौजूद हेल्दी फैट वजन घटाने और फैटी लीवर की बीमारी दोनों के लिए बहुत अच्छा होते हैं। ये एंटीइंफ्लामेटरी गुण और घुलनशील फाइबर से भी भरा होता है जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा ये ब्लड शुगर को भी कम कर सकता है।

फैटी लीवर रोग से बचने के लिए क्या न खाएं
फैटी लिवर रोग में शराब मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है। शराब को बहुत ज्यादा पीने से लीवर खराब हो सकता है, फैटी लीवर हो सकता है और यहां तक ​​कि लीवर सिरोसिस भी हो सकता है। फैटी लीवर की बीमारी वाले व्यक्ति को शराब से बचना चाहिए या इसका सेवन कम से कम करना चाहिए।