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टेरर फंडिंग-रोहिंग्या से लिंक की तलाश में एटीएस की ताबड़तोड़ छापेमारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीमों ने बुधवार को रोहिंग्या और टेरर फंडिंग मामले में आशंका के चलते कई जगह एक साथ छापेमारी की। जानकारी के अनुसार एटीएस की टीमों ने उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढ़ में छापेमारी की। खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढ़ में कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी हुई। वहीं यूपी के अलावा महाराष्ट्र के मुंबई और तेलंगाना में हैदराबाद में भी छापेमारी की खबर है। बताया जा रहा है कि यूपी एटीएस टीम ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। जिनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज और फंडिंग करने की बात पाई गई है। कहा जा रहा है कि संतकबीर नगर के खलीलाबाद ब्लॉक में तैनात जूनियर इंजीनियर को यूपी एटीएस टीम ने हिरासत में लिया है।

मालूम हो कि काफी समय से रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार से भाग रहे हैं और दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं। म्यांमार की बहुसंख्यक आबादी बौद्ध है। म्यांमार में एक अनुमान के मुताबिक, 10 लाख रोहिंग्या मुसलमान हैं. इन मुसलमानों के बारे में कहा जाता है कि वे मुख्य रूप से अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं। अधिकतर कैंपों में रोहिंग्या शरणार्थियों की बुरी हालत है। यही वजह है कि पाकिस्तान इन्हें भड़का कर आतंकी बनाने की साजिश रचने की कोशिश करता रहा है।

इससे पहले यूपी एटीएस ने गोरखपुर में गोलघर के स्थित बलदेव प्लाजा में नईम एंड संस पर छापा मारा था। इस दौरान एटीएस ने दुकान मालिक से पूछताछ की थी। साल 2018 में भी एटीएस यहां छापा मारा चुकी है। हालांकि, बुधवार को हुई छापेमारी गोरखपुर में की गई है या नहीं, इसे लेकर अभी यूपी एटीएस की ओर बयान नहीं आया है।

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