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आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने 89वें मामले में दी अंतरिम जमानत
आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने 89वें मामले में दी अंतरिम जमानत

आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने 89वें मामले में दी अंतरिम जमानत

रामपुर। सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को बृहस्पतिवार को अंतरिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए खान को जमानत दे दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालत के नियमित जमानत की याचिका पर फैसला करने तक वह अंतरिम जमानत पर रहेंगे। पीठ ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले विशेषाधिकार का इस्तेमाल करने के लिए यह उपयुक्त मामला है। आजम खान, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में जमीन हथियाने सहित कई अन्य मामलों में सीतापुर जेल में बंद हैं।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कद्दावर नेता और रामपुर से विधायक आजम खान (Azam Khan) को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत (Supreme Court Interim Bail For Azam Khan) मिल गई है। आजम खान को 89वें केस में अंतरिम जमानत मिली है। इससे पहले 88 केस में पहले ही उन्हें अंतरिम जमानत मिल चुकी है। आजम खान और उनके समर्थकों के लिए यह काफी राहत वाली खबर है। हालांकि, इस अंतरिम जमानत के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आजम खान कब तक जेल से बाहर आ पाएंगे। फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि लंबित मामलों में निचली अदालत से नियमित जमानत लें। नियमित जमानत मिलने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। बता दें कि अदालत इस मामले में पहले ही सुनवाई पूरी कर चुकी थी और जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एस गोपन्ना की पीठ ने फैसला सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को दो सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता दी। SC का कहना है कि सक्षम अदालत द्वारा नियमित जमानत का फैसला होने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी।
दरअसल, पिछले दिनों आजम खान के खिलाफ एक अन्य मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज की है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने आजम खान को आदतन अपराधी करार दिया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम जमानत मिलने के बाद आजम के बाहर निकलने पर चर्चा का बाजार गरमा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को गुरुवार को बड़ी राहत दी। उन्हें 89वें केस में अंतरिम जमानत दे दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता दी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सक्षम अदालत द्वारा नियमित जमानत का फैसला होने तक अंतरिम जमानत जारी रहेगी। इससे माना जा रहा है कि नियमित जमानत याचिका पर फैसला आने के बाद ही आजम जेल से बाहर आ पाएंगे। आजम खान फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उनके जेल जाने के बाद से यूपी की राजनीति काफी गरमाई रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को लगाई थी फटकार
उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी आजम खान की याचिका का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आजम खान की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने में लंबी देरी पर नाराजगी व्यक्त की थी और इसे न्याय का उपहास कहा था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दी थी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते जमीन पर गलत तरीके से कब्जा करने से जुड़े एक मामले में आजम खान को अंतरिम जमानत दे दी थी। फिलहाल आजम खान को रामपुर के कोतवाली से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में रखा गया है। आजम खान अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद है।

कपिल सिब्बल ने लगाए यूपी सरकार पर आरोप
सपा नेता आजम खान को जमानत देने को लेकर उनके वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि यूपी सरकार उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। साथ ही कहा था कि आजम खान दो साल से जेल में हैं, उन्हें अब जमानत दे दी जानी चाहिए। कोर्ट के आज फैसला आने पर साफ हो जाएगा कि आजम खान जेल रहेंगे या अब खुली हवा में सांस लेंगे और या फिर अभी उनको अभी जमानत के लिए और लड़ाई लड़नी होगी।