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तेज बुखार, बदन दर्द, ग्रंथियों में सूजन होने पर हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली । भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने कहा है कि भारत मंकीपाक्स से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, देश में अभी इसका कोई मामला नहीं मिला है। मंकीपाक्स संक्रमण कोरोना महामारी से जूझ रहे कई देशों में तेजी से फैल रहा है। एएनआइ के साथ खास बातचीत में आइसीएमआर की विज्ञानी डा. अपर्णा मुखर्जी ने कहा कि भारत मंकीपाक्स संक्रमण को लेकर तैयार है, क्योंकि यह यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है।

इन लक्षणों पर रखें नजर

हालांकि, भारत अभी इसका कोई मामला नहीं पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने अस्वाभाविक लक्षणों पर नजर रखने पर जोर दिया, खासकर उन लोगों में जिन्होंने मंकीपाक्स प्रभावित देशों की यात्रा की हो। इन लक्षणों में तेज बुखार, ग्रंथियों में सूजन, शरीर में दर्द, शरीर पर लाल धारियां इत्यादि शामिल हैं।

इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क

डा. मुखर्जी ने कहा कि जिन लोगों में भी इस तरह के लक्षण दिखते हों, उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए। पुणे स्थित एनआइवी समेत कई जगह इसकी जांच की सुविधा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संक्रमण को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी में इसके लक्षण नजर आते हैं तो उसके नजदीक जाने से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द जारी करेगा दिशानिर्देश

वहीं, सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही मंकीपाक्स पर दिशानिर्देश जारी करने वाला है। इसमें संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्ति को आइसोलेशन में रखने से लेकर उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान, उन पर निगरानी, रोकथाम के उपाय और जोखिम का आकलन जैसी बातें शामिल होंगी।