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30 दिन भी नहीं टिका 264 करोड़ की लगत से बना महासेतु

पटना : बिहार में सुशासन का दावा करने वाली नितीश सरकार की बड़ी नाकामी देखने मिली है. करीब एक महीने पहले हुए सत्तरघाट महासेतु के उद्घाटन के बाद बुधवार को पानी के बढ़ते जलस्तर से ध्वस्त हो गया. बता दें कि एक माह पूर्व ही 16 जून को गोपालगंज जिले में बने सत्तरघाट महासेतु पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से किया था.

2012 में इस हुआ था निर्माण कार्य

इस सेतु का निर्माण बिहार पुल निर्माण विभाग द्वारा कराया गया था. वर्ष 2012 में इस पुल का निर्माण शुरू किया गया था. निर्माण पूरा होने के बाद 16 जून 2020 को इस महासेतु का उद्घाटन किया गया था. इस महासेतु के निर्माण में करीब 264 करोड़ की लागत आई थी.

दरअसल ये पुल गोपालगंज को चंपारण तिरहुत और सारण के कई जिलों को जोड़ता था, अब इस पुल के ध्वस्त होने से कई जगह से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है. बता दें कि गोपालगंज में बुधवार को तीन लाख से ज्यादा क्यूसेक (Cusec) पानी का बहाव था, जिसके कारण 264 करोड़ की लगत पानी में बह गई.

तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर शेयर किया विडियो

वहीं मामलें पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. इसी कड़ी में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर विडियो शेयर करते हुए नितीश सरकार पर तंज कसा. उन्होंने लिखा, ‘8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया. खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंह दिखाई है. इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते है.’

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