Monday , September 26 2022
बिकरू कांड : SO विनय तिवारी और चौकी इंचार्ज केके शर्मा नौकरी से बर्खास्त
बिकरू कांड : SO विनय तिवारी और चौकी इंचार्ज केके शर्मा नौकरी से बर्खास्त

बिकरू कांड : SO विनय तिवारी और चौकी इंचार्ज केके शर्मा नौकरी से बर्खास्त

कानपुर। कुख्यात अपराधी विकास दुबे के कारखास तत्कालीन एसओ और हल्का चौकी इंचार्ज को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा दोषी पाए गए हैं। एसओ और दारोगा बिकरू कांड की साजिश में शामिल थे। दबिश की मुखबिरी करने से लेकर वारदात के बाद पुलिस के मूवमेंट की जानकारी विकास दुबे को दी गई थी। बिकरू गांव में मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसओ और दारोगा मौके से भाग निकले थे। पुलिस विभाग में विभीषण की भूमिका निभाने वाले दोनों आरोपी जेल में हैं। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने बीते 02 जुलाई 2020 की रात अपने गुर्गों के साथ मिलकर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड के बाद यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे समेत 6 बदमाशों को एनकांउटर में मार गिराया था। इस मामले में 36 आरोपी जेल में बंद हैं। बिकरू कांड के बाद तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा पर मुखबिरी के आरोप लगे थे। वहीं एसआईटी की जांच में भी विनय तिवारी और दारोगा दोषी पाए गए थे। दोनों ही पुलिस कर्मियों को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने बिकरू कांड से पहले तत्कालीन एसएसपी को पत्र लिखा था कि चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं किया तो गंभीर घटना घटित हो सकती है। सीओ ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया था कि एसओ विनय तिवारी का हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के पास आना जाना है, विकास दुबे के लिए सहानभूति बरतना और कार्रवाई नहीं करना विनय तिवारी की सत्यनिष्ठा पूरी तरह से संदिग्ध है। सीओ के इस वायरल चिट्ठी के बाद तत्कालीन एसओ पुलिस अधिकारियों के नजर पर चढ़ गया था। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने बीते 2 जुलाई की रात विकास दुबे के घर पर दबिश देने से पहले तत्कालीन एसपी ग्रामीण से 5 मिनट 6 सेकेंड बातचीत की थी। सीओ ने एसपी ग्रामीण को बताया था कि चौबेपुर एसओ विकास दुबे के पैर छूता है, और जुआं खिलवाता था। सीओ ने यह भी स्पष्ट किया था कि दबिश की सूचना पहले ही विनय तिवारी ने विकास दुबे को देदी होगी। मैंने विनय तिवारी से कहा था कि इससे संबंध रखते हो किसी दिन दो चार का मर्डर करा दोगे। सीओ ने पहले ही आशंका जाहिर कर दी थी कि विकास दुबे को विनय तिवारी ने दबिश की सूचना दे दी होगी। दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पहले ही भनक लग गई थी कि पुलिस दबिश देने के लिए आ रही है। विकास दुबे ने सिपाही राजीव को फोन कर धमकी दी थी कि यदि गांव दबिश देने के लिए आए तो पूरी जीप उड़ा देंगे। सिपाही ने तत्कालीन एसओं को विकास की धमकी के बारे बताया था। लेकिन विनय तिवारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, और नहीं कि किसी अधिकारी से इसका जिक्र किया। दारोगा केके शर्मा विकास दुबे का करीबी था। दारोगा केके शर्मा अमर दुबे की शादी में भी शामिल हुआ था। बिकरू कांड के बाद दारोगा का विकास दुबे के साथ अमर दुबे को आर्शीवाद देतें हुए फोटो वायरल हुआ था। दबिश के दौरान विकास ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर आठ पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के चार घंटे बाद तक दारोगा विकास और उसके गुर्गों के संपर्क में रहा था।