बीजेपी विधायक देवेंद्र प्रताप का हार्ट अटैक से निधन, सीएम ने जताया दुःख

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कासगंज। यूपी के कासगंज जिले की अमापुर सीट से बीजेपी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह का सोमवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी विधायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि बीजेपी विधायक को अचानक दिल का दौरा पड़ने पर जिला चिकित्सालय ले जाया गया था जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एटा जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश अग्रवाल ने बताया कि सिंह को सुबह करीब सात बजे अस्पताल लाया गया था। उन्होंने तथा अन्य चिकित्सकों ने जब उन्हें देखा, तब तक उनका निधन हो चुका था।

कुल तीन बार विधायक रह चुके देवेंद्र प्रताप सिंह दो बार सोरों विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में इसी सीट का नाम बदलकर अमापुर कर दिया गया जिससे वह मौजूदा विधायक थे। उनके परिवार में एक बेटा और बेटी है। उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है।
विधायक के निधन की सूचना पर बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता, क्षेत्रीय बीजेपी विधायक विपिन वर्मा डेविड और मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी अस्पताल पहुंचे।

बीजेपी नेताओं और विधायकों में सिंह का शव ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस न आने को लेकर नाराजगी देखी गई। शव को उनके परिजन बिना पोस्टमार्टम कराये अपने गांव एक निजी एम्बुलेंस से ले गए। विधायक की निधन की खबर मिलने एवं उनके परिजनों द्वारा शव ले जाने के बाद एटा की जिलाधिकारी विभा चहल जिला चिकित्सालय पहुंचीं तो नेताओं में आक्रोश व्यक्त किया और शव वाहन उपलब्ध न कराये जाने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले की तफ्तीश कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नजदीक थे
विधायक देवेंद्र सिंह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के काफी नजदीकी थे। देवेंद्र प्रताप सिंह साल 2017 में दूसरी बार विधायक बने थे। साल 2000 में जब एटा और कासगंज जनपद एक ही था, उस समय भाजपा से अलग होकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बनाई थी। तत्कालीन एटा जनपद की सोरों विधानसभा सीट के उप चुनाव में कल्याण सिंह ने देवेंद्र प्रताप सिंह को बीजेपी के तत्कालीन उम्मीदवार ब्रजेश के खिलाफ विद्रोही उम्मीदवार के रूप में लड़ाया था। खुद कल्याण सिंह ने एक माह तक देवेंद्र के लिए क्षेत्र में कैंप किया था। देवेंद्र प्रताप सिंह 174 वोटों से जीते थे। साल 2000 में सोरों सीट से बीजेपी विधायक ओमकार सिंह के निधन के बाद यहां उप चुनाव हुआ था। इसके बाद साल 2017 के चुनाव में देवेंद्र सिंह ने बीजेपी के टिकट पर सपा उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह सोलंकी को हराया था। देवेंद्र सिंह को 85199 मत मिले थे। वहीं वीरेंद्र सिंह को 43,395 वोट हासिल हुए थे।

डेढ़ साल में बीजेपी के 8 विधायकों की मौत
प्रदेश में बीते डेढ़ साल में अब तक 8 विधायकों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 मंत्री भी शामिल हैं। देवेंद्र प्रताप सिंह से पहले मुजफ्फरनगर की चरथावल विधानसभा से विधायक विजय कश्यप की कोरोना से मौत हुई थी। वे कैबिनेट में राजस्व व बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री थे।
इसके अलावा रायबरेली के सलोन से बीजेपी विधायक दल बहादुर कोरी, बरेली से विधायक केसर सिंह, औरैया सदर से बीजेपी विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुरेश श्रीवास्तव, योगी कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण, क्रिकेटर से नेता बने नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान की भी मौत हो चुकी है।

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