Saturday , May 21 2022

सामने आया Pakistan का काला सच, लगे ”शिया काफिर हैं” के नारे

कराची: दुनिया के सामने एक बार फिर पाकिस्तान का काला सच सामने आया है। पाकिस्तान में आतंकी संगठन सिपाह-ए-सहाबा पाकिस्तान (एसएसपी) ने शिया मुसलमानों के खिलाफ सुन्नी समुदाय के लोगों को भड़काना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को इसकी बानगी कराची की सड़कों पर देखने को मिली। यहां हजारों की संख्या में लोग एसएसपी के बुलावे पर प्रदर्शन करने पहुंचे। भीड़ ने ”शिया काफिर हैं” के नारे लगाए। साथ ही शिया मुसलमानों को जान से मारने की धमकी दी।

सामने आया Pakistan का काला सच, लगे ''शिया काफिर हैं'' के नारे

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी हुई है जंग

पकिस्तान में शुक्रवार को हुए इस रैली का असर सोशल मीडिया पर भी देखने को मिला सोशल मीडिया पर शिया-सुन्नी में जंग छिड़ हुई है। देखते ही देखते ट्वीटर पर #ShiaGenocide ट्रेंड करने लगा। इसमें एक तरफ सुन्नी समुदाय के लोग शियाओं के खिलाफ कमेंट कर रहे थे तो दूसरी ओर शिया समुदाय के लोगों ने इस्लाम और इंसानियत का हवाला देते हुए ऐसे हमले बंद करने की मांग की। शिया समुदाय के एक युवक ने मीट शेयर करते हुए सुन्नी समुदाय से पूछा, ”आप इस्लाम को शांति का धर्म बताते हो और दूसरी ओर इंसानियत का खून भी करते हो।”

सामने आया Pakistan का काला सच, लगे ''शिया काफिर हैं'' के नारे

शिया धर्म गुरुओं पर लगा इस्लाम विरोधी कमेंट का आरोप

पाकिस्तान की एक न्यूज़ एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले महीने (अगस्त2020) मुहर्रम पर आशूरा जुलूस का टीवी चैनल पर प्रसारण किया गया। आरोप है कि इसमें कुछ शिया धर्म गुरुओं ने इस्लाम के खिलाफ कमेंट किया। पाकिस्तान की सोशल एक्टिविस्ट आफरीन ने ट्वीट किया कि इसके बाद से कई शिया मुस्लिमों पर धार्मिक पुस्तकों को पढ़ने और आशूरा जुलूस में हिस्सा लेने के लिए हमला किया गया।

पिछले 5 सालों में बढ़ी शिया मुसलमानों के खिलाफ हिंसा

एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में पिछले 5 सालों में शिया मुसलमानों के खिलाफ हिंसा काफी बढ़ गई है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शिया मुसलमानों की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद हत्यारे खून से ही शियाओं के घर के बाहर ”शिया काफिर हैं” भी लिखते हैं। इसके अलावा कई शिया समुदाय के युवा, महिलाएं अभी लापता हैं।

सामने आया Pakistan का काला सच, लगे ''शिया काफिर हैं'' के नारे
सामने आया Pakistan का काला सच, लगे ”शिया काफिर हैं” के नारे

बता दें कि कुछ साल पहले तक शिया समुदाय के लोगों को मैसेज के जरिए पहले धमकी दी जाती थी और फिर ग्रेनेड से हमला कर उनकी हत्या कर देते थे। शिया मुसलमानों पर हिंसा करने का आरोप आतंकी संगठन एसएसपी पर ही है।

गिरफ्तार किए गये पत्रकार बिलाल फारूकी

पाकिस्तान के एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि शिया के खिलाफ होने वाली हिंसा को कवर करने वाले पत्रकार बिलाल फारूकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यूजर ने लिखा, ”यह शियाओं का नरसंहार ही है। हमारे ऊपर अत्याचार हो रहा है।”

पाकिस्तान सोशल एक्टिविस्ट आफरीन ने इसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान सरकार जानते हुए ऐसे आतंकी संगठन को शियाओं के खिलाफ प्रदर्शन और हिंसा करने की मंजूरी दे रही है। इसके लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जिम्मेदार हैं।

Leave a Reply