Sunday , June 26 2022
हंगामेदार रहा UP विधानसभा का पहला सत्र, कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित
हंगामेदार रहा UP विधानसभा का पहला सत्र, कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित

हंगामेदार रहा UP विधानसभा का पहला सत्र, कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का विधानमंडल सत्र विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदयों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार की योजनाओं का जमकर बखान किया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। इस दौरान 7 विधेयक और 4 अध्यादेश सदन से पारित हुए हैं। विधानसभा की कार्रवाई कल यानि मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई है।
विधानसभा और विधानपरिषप्द की संयुक्त कार्यवाही सोमवार को 11 बजे शुरू हुई। जैसे ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सदन में प्रवेश किया वैसे ही समाजवादी पार्टी के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर लगे। यूपी को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के मुद्दे को लेकर भी सदन में जमकर हंगाम हुआ। हंगामे के बीच ही राज्यपाल आनंदीबेन बेन पटेल अपना अभिभाषन पढ़ती रहीं।
अपने अभिभाषण के दौरान राजपाल ने यूपी सरकार द्वारा कॉविड के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। कन्या विवाह को लेकर राज्यपाल ने कहा की महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति भी मौजूद थे। राज्यपाल ने कहा की मेरी सरकार लगातार हार वर्ग के लिया काम कर रही है। समाज के पिछड़े वर्ग को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। विगत 5 सालों में प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 43.5 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 2.61 करोड़ व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से 1.67 करोड़ फ्री गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। सौभाग्य योजना के माध्यम से 1.41 करोड़ फ्री विद्युत कनेक्शन दिए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 2.55 करोड़ किसानों को 42 हजार 565 करोड़ रुपये हस्तान्तरित किए गए तथा 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ किया गया। उन्होंने कहा, सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आकलन के अनुसार जून 2016 में प्रदेश की बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत थी, जो अप्रैल 2022 में घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई है। वर्ष 2016 के सापेक्ष वर्ष 2021 में डकैती के मामलों में 73.94 प्रतिशत, लूट की घटनाओं में 65.88 प्रतिशत, हत्या के मामलों में 33.95 प्रतिशत तथा बलात्कार के अपराध में 50.66 प्रतिशत की कमी आई। राज्यपाल ने कहा, अवैध कृत्य से अर्जित की गयी सम्पत्तियों के जब्तीकरण/ध्वस्तीकरण व अवैध कब्जे से 02 हजार 81 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सम्पत्तियां अवमुक्त कराई गईं।
उत्तर प्रदेश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर ही नहीं, अपितु सरप्लस राज्य के रूप में देश में अपना स्थान बनाए हुए है। प्रदेश में वर्ष 2020-21 में 619.47 लाख मी. टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है। कृषकों को उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नैम) के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश की 125 मण्डियों में वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 432 करोड़ रुपये का डिजिटल व्यापार किया गया है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत कृषकों की दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की दशा में अधिकतम 5 लाख रुपये दिए जाने का प्राविधान है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ रुपये की धनराशि से 12 हजार लाभार्थियों को लाभांवित किया जाएगा।
चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश का कृषि आधारित महत्वपूर्ण उद्योग है जो प्रदेश के लगभग 45.44 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों के परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है। पेराई सत्र 2016-17 में प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर था, जो पेराई सत्र 2021-22 में बढ़कर 27.60 लाख हेक्टेयर हो गया। इस वृद्धि से परिलक्षित होता है कि प्रदेश के किसानों का रुझान गन्ने की खेती की ओर लगातार बढ़ रहा है। 45.44 लाख गन्ना किसानों को पेराई सत्र 2017-18 से पेराई सत्र 2021-22 तक के सापेक्ष, दिनांक 16 मई, 2022 तक, 01 लाख 72 हजार 745 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।
आनंदीबेन पटेल ने कहा, आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में सशक्त हो रही है. उत्तर प्रदेश शीघ्र ही पांच अन्तर्राष्ट्रीय हवाई-अड्डों वाला देश का एक मात्र राज्य बन जाएगा। प्रदेश से निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले 5 सालों में निर्यात 88 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये हो गया है. आगामी 05 वर्षों में कुल 02 करोड़ स्मार्ट फोन/टैबलेट वितरित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इससे पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को विधानसभा अध्यक्ष सदस्यता की शपथ दिलाई। हालाकि आजम खान रविवार को समाजवादी पार्टी के विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे थे जिसके बाद ये अटकलें लगाई जा रही थी की वो अखिलेश से नाराज हैं। हालांकि, आजम जब सदयता की शपथ ले रहे थे तब वहां अखिलेश यादव मौजूद नहीं थे।
जैसा की कयास लगाए जा रहे थे कि विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी समेत विभिन्न मुद्दों पर विधानसभा में सरकार का घेराव करेगा, जोकि विधानसभा में देखने को भी मिला। विधानसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शोरगुल और नारेबाजी के बीच अभिभाषण पढ़ा। इस बीच सपा और आरएलडी के विधायकों ने जमकर हंगामा काटा। पोस्टर और बैनर लेकर विधायकों ने बीजेपी सरकार का विरोध किया।

महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सपा का प्रदर्शन
दरअसल, 18वीं विधानसभा के पहले सत्र में रंग-बिरंगा नजारा देखने को मिला. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के ही सदस्य अपनी-अपनी पार्टियों के ध्वज के रंग की टोपियां और अंग वस्त्र पहने नजर आए। इस बार विधानसभा की कार्यवाही को कागज रहित करते हुए डिजिटल बनाया गया है और हर सदस्य के लिए उसकी सीट निर्धारित की गई है। यही नहीं, हर सीट पर एक टैबलेट लगा हुआ है, जिसके माध्यम से विधायक सवाल-जवाब की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, कार्यवाही और सीट निर्धारण का यह डिजिटल स्वरूप हर किसी के लिए आसान नहीं रहा और कई सदस्य अपनी-अपनी सीट खोजते नजर आए। इसके अलावा कई सदस्य सीट पर लगे टैबलेट को शुरू करने में संघर्ष करते दिखे। सपा के कई विधायक टैबलेट पर अपनी पार्टी का पेज खोलते नजर आए। विधानसभा की गैलरी में सपा सदस्यों ने महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए। ऐसे में शोरगुल और नारेबाजी के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण पढ़ा।