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दंपत्ति का तबादला करके केंद्र ने कड़ा संदेश दिया

पुणे| खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में स्टेडियम के कथित दुरूपयोग को लेकर आईएएस दंपत्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकी लेकिन गृह मंत्रालय ने उनका तबादला करके कड़ा संदेश दिया है कि खेलों के मैदान खिलाड़ियों के लिये हैं।

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में 27 एकड़ में कशाबा जाधव खेल परिसर के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि भविष्य में मलखम्ब जैसे भारत के पारंपरिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जायेगा।

उन्होंने कहा ,‘‘ खिलाड़ियों के लिये सिर्फ अभ्यास ही नहीं और प्रतिस्पर्धायें होनी चाहिये। इससे खिलाड़ियों को उनकी मानसिक दृढता परखने का मौका मिलेगा। मैदान और सुविधायें हैं लेकिन कुछ लोगों पर प्रतिबंध भी है। हाल ही में दिल्ली में एक आईएएस अधिकारी और उनकी पत्नी स्टेडियम का इस्तेमाल कर रहे थे जबकि खिलाड़ियों को बाहर रखा गया था। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।’

उन्होंने कहा ,‘‘ दिल्ली सरकार ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन गृहमंत्री (अमित शाह) और उनके विभाग ने कार्रवाई की और उनका तबादला कर दिया गया। इससे कड़ा संदेश गया कि स्टेडियम सिर्फ खिलाड़ियों के लिये है।’’ ठाकुर ने कहा ,‘‘ नियम होने चाहिये और उनका पालन होना चाहिये। हर किसी को खेलने का मौका मिले लेकिन पेशेवर खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाये।

राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिये।’’ उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयें और राज्यों के बीच स्वस्थ खेल स्पर्धायें होनी चाहिये। ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले आठ साल में खेलों का बजट तीन गुना बढा दिया है।

उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले साल ही खेलो इंडिया का बजटीय आवंटन 50 प्रतिशत बढा। पिछले साल यह 657 करोड़ रूपये था जो 874 करोड़ रूपये किया गया। खेलों के कुल बजट की बात करें तो 2013 . 14 में यह 1219 करोड़ रूपये था जो अब 3262 करोड़ रूपये है।