मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए दर-दर मिन्नतें कर रहे : संजय सिंह

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लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने शनिवार को लखनऊ स्थित प्रदेश पार्टी कार्यक्रम में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान कानपुर के बिकरू कांड में मारे गए विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की मां भी मौजूद रहीं। बता दें कि खुशी दुबे सहित 4 महिलाओं की रिहाई की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी की प्रदेश महिला अध्यक्ष नीलम यादव  के नेतृत्व में पार्टी की महिला विंग की सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया था।

संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पूरे उत्तर प्रदेश का सारा काम ठप है, कोरोना के बाद जो बेरोजगारी हुई उससे कैसे राहत दी जाएगी, आदित्यनाथ सरकार को इसकी चिंता नहीं है। कोरोना के कारण जिन लोगों की मृत्यु हुई जिनको श्मशान में लकड़ियां नसीब ना होने के कारण दफनाया गया, उनके परिवार की क्या कष्ट पीड़ा है आदित्यनाथ सरकार को कोई चिंता नहीं है। जो लोग इस कोरोना में अपने मां-बाप खो चुके हैं जो बच्चे अनाथ हो चुके हैं, उसको लेकर सरकार को चिंता नहीं है। पिछले 15 दिनों से उत्तर प्रदेश में बीजेपी की लड़ाई, झगड़े में ही आदित्यनाथ सरकार का पूरा समय बीत रहा है। देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री, जो अपने आप को बहादुर और शक्तिशाली बताते हैं वह कभी अमित शाह के यहां तो कभी मोदी जी के यहां और कभी जे पी नड्डा के यहां घुटने टेक रहे हैं। देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए दर-दर मिन्नतें कर रहे हैं और उनकी हालत स्कूल के उस बच्चे की तरह हो गई है जिससे कोई गलती हो जाती है तो कान पकड़कर सारे टीचर के सामने माफी मांगता रहता है।  आदित्यनाथ जी एक घुटना टेक मुख्यमंत्री हो गए हैं जो सुबह से लेकर शाम तक शाम से लेकर रात तक दर-दर घुटना टेकने का काम कर रहे हैं। कोरोना की महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से आप कैसे लड़ेंगे, इसकी चिंता ना होकर पूरी की पूरी आदित्यनाथ सरकार और भारतीय जनता पार्टी आपसी झगड़े में व्यस्त है।

आज बीएसपी, बीजेपी बन चुकी है : संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि कल से मैं यह फेक न्यूज़ देख रहा हूं कि यूपी का 3 भागों में विभाजन हो सकता है। मेरा सवाल यह है कि क्या साढे 4 साल तक यह लोग कुंभकरण की नींद सोते रहते हैं। यह कोई बच्चों का खेल है नहीं है विभाजन। मुझे लगता है इन बातों का कोई अर्थ नहीं है। सबसे ज्यादा बुरी हालत यह है कि इस समय उत्तर प्रदेश को अनाथ छोड़कर पूरी की पूरी बीजेपी लड़ाई झगड़े में लगी हुई है। आज बीएसपी, बीजेपी बन चुकी है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। बीएसपी और बीजेपी का गठबंधन हो चुका है। बीएसपी का हर एक कृत्य भाजपा को मजबूत करने वाला है। इसीलिए मैं कहता हूं हाथी के सूढ़ में एक कमल का फूल। आज जब बीजेपी को पंजाब में किसानों ने नकार दिया उस समय में अकाली दल का गठबंधन मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर कराया गया है। कोरोना से लोगों का जीवन बचाना जरूरी है। आपने यूके की रिपोर्ट देखी होगी कि इंग्लैंड में फिर से तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है तो हो सकता है कि हमको भी 45 से 60 दिनों में इसका सामना करना पड़े। इसीलिए इस समय परीक्षा से ज्यादा जरूरी छात्रों का जीवन बचाना है।

खुशी दुबे की मां ने क्या कहा ?
पिछले 11 महीने से हमारी लड़की जेल में है। दो बार खून की उल्टियां हो चुकी है सरकार उसे मार डालना चाहती है जबकि हमारी लड़की निर्दोष है।
हमारी सरकार से मांग है कि हमारी लड़की को जल्द से जल्द रिहा करें। 29 जून 2020 को खुशी दुबे की शादी दबंग अपराधी विकास दुबे के दबाव में अमर दुबे से बिकरु गांव में ही हुई, जिसके बाद 2 जुलाई को बिकरु कांड हुआ। मात्र 2 दिन पहले जो लड़की उस जगह पर गई हो जहां पर यह घटना हुई क्या वहां पर वह गैंग चला सकती है? खुशी दुबे पर 17 धाराएं लगाई गईं हैं, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती इतनी गंभीर गंभीर धाराएं जो बड़े-बड़े आतंकवादियों पर लगती हो वह एक 16 साल की लड़की पर लगा दिया गया। यह कहां का न्याय है? क्या चार्जशीट ब्रह्मा की लकीर है? क्या चार्जशीट सरकार के दबाव में नहीं लगती? क्या इस पर कोई जांच नहीं होनी चाहिए? मेरी सभी लोगों से एक ही मांग है कि खुशी दुबे के मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

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