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ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका आमने-सामने

टोक्यो। क्वाड नेताओं का जापान की राजधानी टोक्यो में जमघट लगा हुआ है। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ताइवान को लेकर बड़ा बयान दिया। जिसको लेकर चीन काफी नाराज दिखाई दे रहा है। दरअसल, जो बाइडेन ने कहा कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो उनका देश सैन्य हस्तक्षेप करेगा। यह बयान पिछले कुछ समय में ताइवान के संदर्भ में दिए गए बयानों में सबसे ज्यादा अहम है। 

चीन ने जताई आपत्ति

जो बाइडेन के बयान के कुछ देर बाद ही चीन ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि वह अपने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि हमारे नागरिकों के संकल्प को कोई कमतर आंकने की गलती न करे।

उन्होंने कहा कि ताइवान चीन का एक अविभाज्य हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने ताइवान का चीन का आंतरिक मसला बताया। उन्होंने कहा कि चीन अपनी 1.4 अरब की आबादी के बल पर हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा।

बाइडेन के बयान से क्यों भड़का चीन ?

आपको बता दें कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उस पर कब्जा करने की योजनाएं तैयार कर रहा है। जबकि ताइवान की बड़ी आबादी खुद को अलग देश के तौर पर देखती है। हालांकि चीन समय-समय पर दावा करता रहता है कि वो ताइवान को बातचीत के माध्यम से या फिर सैन्य ताकत के दम पर चीन में शामिल कर लेगा। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान चीन को नागवार गुजरा है। 

टोक्यो में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया गया कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या वह सैन्य हस्तक्षेप करके इसकी रक्षा करने के इच्छुक हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हां। हमने यह प्रतिबद्धता जताई है। जो बाइडेन ने कहा कि ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग करने का चीन का कदम न केवल अनुचित होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र को विस्थापित कर देगा और यूक्रेन में की गई कार्रवाई के समान होगा।