Monday , August 8 2022

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने बाबा गोरखनाथ के दरबार में चढ़़ाई आस्था की खिचड़ी

गोरखपुर: यूपी के गोरखनाथ मंदिर में बाबा गोरखनाथ के दरबार में गुरुवार को सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति पर्व की शुरुआत परंरागत तरीके से खिचड़ी चढ़़ाकर की. पहले उन्होंने नाथ पीठ की ओर से आस्था की खिचड़़ी चढ़़ाई और फिर नेपाल राजपरिवार की खिचड़ी बाबा के चरणों में समर्पित की.

बाबा गोरखनाथ के जयकारे से गूंज उठा मंदिर परिसर

जैसे ही मुख्यमंत्री ने खिचड़ी चढ़ाई मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के खोल दिए गए और समूचा परिसर बाबा गोरखनाथ के जयकारे से गूंज उठा. उसके बाद शुरू हुआ बारी-बारी से खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला. आधी रात के बाद से ही कतार में खड़े श्रद्धालु एक-एक बाबा के दरबार में पहुंचने लगे और खिचड़ी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेने लगे. बहुत से श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाने से पहले मंदिर परिसर में मौजूद भीम सरोवर में स्नान कर खुद को पवित्र भी किया. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन ने महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतार लगाने का इंतजाम किया है. खिचड़ी चढ़ाकर आशीर्वाद लेने का सिलसिला अनवरत जारी है. मंदिर प्रबंधन के अनुसार यह क्रम गुरुवार की देर शाम तक चलता रहेगा और लाखों श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने की आनुष्ठानिक परंपरा का निभाएंगे.

खिचड़ी मेला बुधवार को रात भर चलता रहा

गोरखनाथ मंदिर में लगा परंपरागत खिचड़ी मेला बुधवार को रात भर चलता रहा. मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं का उत्साह देखकर इसका अहसास भी नहीं हो सका कि कब दिन बुधवार से गुरुवार हो गया. बच्चे झूले का आनंद लेते रहे जबकि श्रद्धालु खरीदारी करने में जुटे रहे. भक्ति गीत गूंजते रहे और पूरी रात मेला गुलजार रहा. मेला परिसर में अभी भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी हुई. खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालु मेले में पहुंच रहे हैं और वहां के इंतजाम का लुत्फ उठा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को पर्व की बधाई

गोरखनाथ मंदिर में बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियो को मकर संक्रांति पर्व की बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह जगतपिता सूर्य की उपासना का पर्व तो है ही, साथ ही किसानों के उमंग और उत्साह का पर्व भी है. खिचड़ी को चढ़ाना इस बात को प्रदर्शित करता है कि हमारा जो अन्नदाता किसान है, वह जब अपनी मेहनत से अन्न पैदा करता है तो समर्पण के भाव के साथ अपने ईष्ट देव को भी उस अन्न का दान करता है.

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