Thursday , October 6 2022
उत्तराखंड में AAP को झटका, CM उम्मीदवार रहे कर्नल अजय कोठियाल ने छोड़ा साथ
उत्तराखंड में AAP को झटका, CM उम्मीदवार रहे कर्नल अजय कोठियाल ने छोड़ा साथ

उत्तराखंड में AAP को झटका, CM उम्मीदवार रहे कर्नल अजय कोठियाल ने छोड़ा साथ

देहरादून। उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आम आदमी पार्टी आलाकमान ने कोठियाल को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव(विस) में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था। अपने इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि त्यागपत्र पूर्व सैनिकों, पूर्व अर्धसैनिकों, बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बुद्धिजीवियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दिया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अजय कोठियाल को भोले का फौजी बताते थे। आम आदमी पार्टी को कोठियाल और कोठियाल को आम आदमी पार्टी से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
कर्नल अजय कोठियाल ने भारतीय सेना में रहते हुए 17 खूंखार आतंकियों को ढेर किया था। इसके बाद से ही वे चर्चाओं में आए थे। आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने कहा था कि वह एक संस्था के जरिए नगर, कस्बों व गांवों में बेटियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाएंगे। किशोरियों/युवतियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाएं जाएंगे। विषम परिस्थितियों में वे कैसे अपनी मदद कर सुरक्षित रहे, इसके लिए प्रशिक्षित ट्रेनर के माध्यम से उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।
विधानसभा चुनाव से पहले कर्नल अजय कोठियाल ने 20 अप्रैल 2021 को आम आदमी पार्टी ज्वॉइन की थी। उत्तराखंड में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे के साथ 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भारतीय सेना के रिटायर्ड अधिकारी कर्नल अजय कोठियाल को राज्य में अपना सीएम फेस घोषित किया था।
चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) में भी बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के दौरान आप के प्रतापनगर से प्रत्याशी रहे सागर भंडारी ने कर्नल अजय कोठियाल (Ajay Kothiyal) पर गंभीर आरोप लगाए थे। सागर भंडारी ने उत्तराखंड (Uttarakhand) में आम आदमी पार्टी की हार के लिए कर्नल अजय कोठियाल को जिम्मेदार ठहराया था।
सागर भंडारी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की प्रदेश में बड़ी हार हुई है. लेकिन किसी भी जिम्मेदार नेता ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली। उन्होंने कहा, प्रदेश में कर्नल कोठियाल के नाम पर चुनाव लड़े गए थे। हर बैनर पर उनका फोटो था। इसलिए हार की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए। लेकिन अभी तक उन्होंने न तो मीडिया के सामने और ना ही पार्टी के किसी कार्यकर्ताओं को यह बात कही कि वह हार की जिम्मेदारी लेते हैं. जबकि अन्य पार्टियों में चुनावों की हार के बाद कई नेताओं ने इस्तीफे तक दिए हैं।
वहीँ, आम आदमी पार्टी के मजबूत स्तंभ और बागेश्वर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके, भूपेश उपाध्याय ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड और उत्तराखंड के लोगों की हितैषी नहीं है तभी तो 2022 विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से जनता ने ठुकराया है। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय (Bhupesh upadhyay) ने बताया कि पहाड़ के जन सरोकारों को लेकर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली थी लेकिन आम आदमी पार्टी उन सभी बातों पर खरी नहीं उतरी है, आम आदमी पार्टी की नई कार्यकारिणी गठन से भी कहीं ना कहीं पुराने कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंची है। जिससे की तराई रीजन से ही 80 प्रतिशत लोगों को कार्यकारिणी में जगह देना बड़ा कारण बताया जा रहा है।