इंसानी दिमाग में चल रहे विचारों को तस्वीरों में बदलेगा कंप्यूटर- experts

0 10

लखनऊ: हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक अनोखी खोज की है. उन्होंने एक ऐसा कंप्यूटर विकसित किया है, जो इंसान के दिमाग में चल रहे विचारों को पढ़ने में सक्षम है. इंसान के सोचने भर से कंप्यूटर तस्वीरों के रूप में उसकी सूचनाओं को कैद कर लेगा.

इस कल्पना के परिणामस्वरूप कंप्यूटर आसानी से नई जानकारियां जुटा पाएगा. विचारों के आधार पर यह कंप्यूटर दिमाग की ऐसी काल्पनिक तस्वीरें बनाएगा, जो उसकी सोच से मिलती-जुलती होंगी. यह अध्ययन साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस

इससे पहले तक इसी तरह के मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस मस्तिष्क से कंप्यूटर तक एक-तरफा संचार करने में सक्षम रहे हैं पर नोवल मस्तिष्क-कंप्यूटर इंटरफेस पर आधारित यह कंप्यूटर दो तरफा संचार करने की अनुमति देगा. इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तरीकों का उपयोग करके तैयार किया गया है. शोधकर्ताओं ने इस विधि को न्यूरोडैप्टिव जेनेरेटिव मॉडलिंग बताया है. इस अध्ययन में कुल 31 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिन्होंने कंप्यूटर की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया.

इस नई तकनीक ने 83 फीसदी सटीकता

जब प्रतिभागियों ने कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न छवियों का मूल्यांकन किया तो पाया कि वे उन विचारों से काफी हद तक मेल खाती थीं, जिनके बारे में प्रतिभागी सोच रहे थे. इस नई तकनीक ने 83 फीसदी सटीकता के साथ परिणाम पेश किए.

फिनलैंड के हेलसिंकी विश्वविद्यालय में फिनलैंड रिसर्च फेलो अकादमी और कोपेनहेगन विश्वविद्यालय, डेनमार्क में एसोसिएट प्रोफेसर टुक्का रूट्सलो ने कहा कि हमारा यह कंप्यूटर उपयोगकर्ता के इरादे से मेल खाने वाली एक पूरी तरह से नई छवि बना सकता है. इससे इंसान की अवचेतन मनोवृत्ति उजागर हो सकती है.

अध्ययन का एक लाभ यह हो सकता है कि यह मानव रचनात्मकता को बढ़ा सकता है. अगर आप किसी चीज को कागज पर उतारने या चित्रित करने में असमर्थ हैं तो कंप्यूटर आपका यह लक्ष्य प्राप्त करने में आपकी काफी मदद कर सकता है. यह आपको बता सकता है कि असल में आप बनाना क्या चाहते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.