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सोनिया गांधी और मायावती को भारत रत्न देने की मांग पर बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल

बलिया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बसपा प्रमुख मायावती को भारत रत्न दिए जाने की मांग की है। जिस पर अब यूपी के बलिया जिले की बैरिया विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने तंज कसा है। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि हरीश रावत भारत की नारी के गरिमा शब्द को जानते ही कहां हैं? जो सिर्फ अपने शारीरिक सुख और सत्ता के लिए देश छोड़कर भारत में बड़ा पद पाने के लिए बसी, उस महिला को भारत रत्न देने की मांग करना, भारत रत्न का अपमान होगा। कांग्रेसी कल्चर में चारण संस्कृति इतनी जबरदस्त होती है कि अगर कोई नहीं बोलेगा तो उसको छोटा भी पद नहीं मिलने वाला है।

भारत में कोई भी ऐसा इंसान नहीं बचना चाहिए

विधायक ने कहा कि कांग्रेस टूटी-फूटी नाव हो चुकी है। उस पर सवारी करने वाला भी मूर्ख ही कहा जाता है और अगर मायावती और सोनिया जी को भारत रत्न मिलेगा तो मैं समझता हूं भारत में कोई भी ऐसा इंसान नहीं बचना चाहिए जिसको भारत रत्न न मिले। इन लोगों से भी स्तरहीन नेता मैं समझता हूं कि पूरे देश की राजनीति में नहीं होगा। वो तो इटली से आकर के अपने आपको वैभव की दुनिया में स्थापित करना चाहा, लेकिन मैं समझता हूं कि देश की जनता को धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि जिन्होंने ऐसे लोगों को भटकने नहीं दिया।

मायावती को कहा-माया-आ-वती

विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मैं तो मायावती को माया-आ-वती कहता हूं। जिसके जीवन का उद्देश्य ही पैसा कमाना और धन इकट्ठा करना है। ऐसे लोगों को भारत रत्न देने का स्टेटमेंट देना, भारत रत्न की उपाधि को अपमानित करना है। ऐसे लोगों को भारत रत्न देना मतलब भारत रत्न को भी कलंकित करना है।

गरीब वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा

विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज दलितों का सबसे ज्यादा उसी कम्युनिटी के संपन्न लोग उत्पीड़न कर रहे हैं। मायावती जैसे लोगों को अपने को आरक्षण से अलग करना चाहिए, तभी गरीब वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा। क्या मुलायम सिंह का परिवार पिछड़ा वर्ग में होना चाहिए? मायावती को अगर विकसित नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे? रामविलास पासवान के परिवार को क्या कहेंगे? ये लोग ही अपने दलितों और पिछड़ों लोगों का शोषण कर रहे हैं।

27 फीसदी आरक्षण के नाम पर समाजवादी सरकार के जमाने में लाभ मिला तो वह सिर्फ सैफई, इटावा और मैनपुरी के यादवों को मिला। तो क्या सिर्फ सैफई इटावा और मैनपुरी के यादव लोग ही ओबीसी हैं। मैं तो कहूंगा ओबीसी का शोषण आजकल ओबीसी ही कर रहा है और दलित का शोषण दलित ही कर रहा है।

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