Tuesday , July 5 2022

फिर दोहराई गई हाथरस की घटना: दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म कर तोड़े कमर और पैर

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश में अभी हाथरस की दलित युवती से गैंगरेप का मामला शांत नही हुआ था कि बलरामपुर में एक और 22 वर्षीय दलित युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है 22 साल की कॉलेज छात्रा को किडनैप कर इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया और फिर 2 आरोपियों ने दुष्कर्म किया। लड़की की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने साहिल और शाहिद नाम के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या का केस दर्ज किया गया है। मामला गैंसड़ी इलाके का है।

बेहोशी की हालत में घर पहुंची युवती

मंगलवार की सुबह 10 बजे युवती कॉलेज की फीस जमा कराने के लिए घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो घरवालों ने फोन किया, लेकिन फोन बंद था। शाम करीब 7 बजे युवती गंभीर हालत में रिक्शे से घर पहुंची। उसके हाथ पर कैनुला लगा था, बेहोशी की हालत में थी और बोल भी नहीं पा रही थी। परिजन तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। फिर डॉक्टर के कहने पर लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही युवती की मौत हो गई।

माँ से कहा- पेट में बहुत तेज जलन है, हम मर जाएंगे..

पीड़िता की माँ ने बताया कि बेटी कॉलेज से लौट रही थी, रास्ते में कार में आए 3-4 लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे नशे के इंजेक्शन देकर दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने बेटी की कमर और पैर भी तोड़ दिए, इसलिए न तो वह खड़ी हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी। बस इतना ही कह पाई कि पेट में बहुत तेज जलन हो रही है, हम मर जाएंगे।

आरोपियों ने डॉक्टर बुलाया था,डॉक्टर ने नही किया इलाज़

आरोपियों ने दुष्कर्म और मारपीट के बाद पास के ही डॉक्टर से पीड़ित का इलाज करवाने की कोशिश की थी। पुलिस की पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि “साहिल नाम के लड़के का शाम 5 बजे फोन आया था। वह मुझे शाहिद की दुकान पर ले गया। वहां पर उन्होंने कहा कि एक फैमिली मेंबर को देख लीजिए। मैंने देखा कि कमरे में लड़की के अलावा कोई और नहीं था, मैंने पूछा कि ये कौन है? उन्होंने कहा कि सरकारी सचिव की बेटी है। मैंने कह दिया कि जब तक कोई महिला या बड़ा व्यक्ति नहीं आता, इलाज नहीं कर सकता। उन्होंने मुझे कहा कि आप अपने क्लीनिक जाइए, हम सेक्रेटरी को फोन कर लड़की को वहीं पर ले आएंगे। उसके बाद मुझे पता नहीं वे कहां गए।”

पुलिस की कारवाही पर फिर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार अंतिम संस्कार में पुलिस ने हाथरस के मामले की तरह एक बार फिर जल्दबाजी दिखाई। बलरामपुर की पीड़ित का का अंतिम संस्कार भी भारी पुलिस बल की तैनाती में मंगलवार रात को ही करवा दिया गया। यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की सहमति से ही अंतिम संस्कार किया गया।

विपक्ष के निशाने पर है सरकार

विपक्ष ने हाथरस के बाद बलरामपुर में हुई दलित युवती से बलात्कार की घटना को लेकर योगी सरकार की कड़ी आलोचना कर रही है।
कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “UP के जंगलराज में बेटियों पर ज़ुल्म और सरकार की सीनाज़ोरी जारी है। कभी जीते-जी सम्मान नहीं दिया और अंतिम संस्कार की गरिमा भी छीन ली। भाजपा का नारा ‘बेटी बचाओ’ नहीं, ‘तथ्य छुपाओ, सत्ता बचाओ’ है।”

वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार को मामले में लीपापोती न करने की सलाह देते हुए कहा कि, “हाथरस के बाद अब बलरामपुर में भी एक बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार और उत्पीड़न का घृणित अपराध हुआ है व घायलावस्था में पीड़िता की मृत्यु हो गयी है. श्रद्धांजलि! भाजपा सरकार बलरामपुर में हाथरस जैसी लापरवाही व लीपापोती न करे और अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई करे।”

 

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