Monday , August 15 2022

दिल्ली : मांगों को लेकर AIIMS Nurse Union की हड़ताल जारी

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में छठे वेतन आयोग समेत कई मांगों को लेकर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की नर्स यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. कड़ाके की ठंड के बीच यूनियन के सदस्य काम छोड़कर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. बताया जा रहा है कि छठे वेतन आयोग समेत अन्य मांगों को लेकर करीब 3000 नर्स हड़ताल पर हैं. ऐसे में मरीजों के इलाज पर प्रभाव पड़ रहा है. बता दें कि नर्स यूनियन ने बीते दिनों ऐलान किया था कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाएंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

दिल्ली एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने की अपील

इस मामले पर दिल्ली एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने हड़ताल का ऐलान करने वाले नर्स यूनियन से अपील की है कि वे कोरोना महामारी के समय ऐसा न करें. जबकि संस्थान उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दे चुका है. गुलेरिया ने कहा कि नर्स संघ ने 23 मांगें रखी थीं जिसपर एम्स प्रशासन और सरकार ने उनमें से लगभग सभी मांगें मान ली हैं. उन्होंने कहा कि एक मांग मूल रूप से छठे वेतन आयोग के मुताबिक शुरुआती वेतन तय करने की असंगतता से जुड़ी हुई है.

एम्स के नर्सिंग प्रेसिडेंट हरीश कुमार काजला के मुताबिक, देश के लोग जब कोरोना से बचने के लिए घरों में छिप रहे थे, तब एम्स के नर्स अपने घर-परिवार की चिंता छोड़ सेवा में दिन-रात काम कर रहें थे. इसी बीच, एम्स प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्रालय हमारी मांगों को चुपचाप नकारता जा रहा था. हमें इस बारे में पता लगा, तो हमने इन्हें नोटिस दिया. बताया कि 16 दिसम्बर से हम हड़ताल पर जाएंगे. वहीं, नर्सिंग अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि हमने एम्स प्रशासन को एक महीने पहले से नोटिस दिया था, फिर भी हमें मिलने के लिए नहीं बुलाया गया. हमसे बात करने की भी कोशिश नहीं की और मंत्रालय के द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है. हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

इलाज में बाधा डाली तो होगी कानूनी कार्रवाई

दिल्ली एम्स प्रशासन ने नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर फैसला लिया है और इस फैसले के मुताबिक, अगर किसी कर्मचारी ने मरीज के इलाज में बाधा डाली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर अतिरिक्त पुलिसबल तैनात करने की अपील की गई है. वहीं, एम्स प्रबंधन ने देर शाम जारी किए आदेशों में स्पष्ट कहा है कि हड़ताल के चलते मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की रुकावट न आने के लिए अतिरिक्त स्टाफ को तैनात किया है. फिलहाल सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभाग में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टर, एमबीबीएस लास्ट इयर के स्टूडेंट्स और बीएससी नर्सिंग के छात्रों की ड्यूटी लगाएं.

Leave a Reply