शहीदों के बच्चों की शैक्षिक प्रगति का विवरण भी रखा जाए : राज्यपाल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन स्थित सभाकक्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस एवं आर्म्ड फोर्सेज सहायता संस्थान लखनऊ की प्रबंध समिति की 38वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्यपाल  उक्त बल के स्थायी रूप से अपंग घोषित कर्मियों को संस्थान द्वारा अब तक प्रदान की जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि 6 लाख रुपए को बढ़ाकर 7 लाख रुपए करने का निर्देश दिया। उन्होंने लाभार्थियों की लड़कियों की शादी के लिए संस्थान द्वारा दी जाने वाली राशि 2 लाख रुपए में भी बढ़ोत्तरी करके 2.5 लाख (ढाई लाख रुपए) करने का निर्देश दिया।

राज्यपाल ने समिति की 37वीं बैठक में लिए गए निणर्यों के क्रियान्वयन का अनुश्रवण भी किया। उन्होंने समिति को निर्देश दिया कि शहीद कर्मी का सम्पूर्ण डाटा रखा जाए। उन्होंने कहा कि शहीद कर्मियों के परिवारों को निराश्रित स्थिति में न छोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों के परिवार के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने में पूरी मदद की जाए।

शहीदों के बच्चों हेतु शिक्षा सहायता की समीक्षा करते हुए आनंदीबेन पटेल ने निर्देश दिया कि उनकी शैक्षिक प्रगति का विवरण रखा जाए तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनके व्यवसायिक प्रशिक्षण हेतु मद निर्धारण पर भी विचार किया जाय। उन्होंने कहा कि शहीदों के बच्चों हेतु खेल-कूद के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाए।

राज्यपाल ने समिति को निर्देश दिया कि सहायता राशि का व्यापक सदुपयोग किया जाए। उन्होंने अपंग कर्मियों हेतु आर्टीफिशियल लिम्ब की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। राज्यपाल जी ने वीरगति प्राप्त 38 लाभार्थियों को सहायता राशि की फिक्स डिपाजिट का प्रमाण-पत्र भी वितरित किया। कोरोना प्रोटोकाल के दृष्टिगत 4 आश्रित लाभार्थियों ने मौके पर राज्यपाल के कर कमलों से प्रमाण-पत्र प्राप्त किया। राज्यपाल ने आश्रित लाभार्थियों से उनकी समस्याएं पूछकर उनके निस्तारण का भी निर्देश दिया।

बैठक में संसदीय कार्य, वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव वित्त एस राधा चौहान, प्रमुख सचिव वित्त संजय कुमार, पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, ब्रिगेडियर आरके कटियार, समिति के सदस्य मेजर सुनील दत्त, अरूण पाठक, मेजर जनरल (से.नि.) अभ्रध्वज परमार, डीजीपी (से.नि.) सुबेश कुमार सिंह तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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