Friday , October 7 2022

तुम अपने पिताजी से पैसा लाए क्या…?

लखनऊ। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन, बुधवार को उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. राज्‍यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान यह स्थिति बनी। मौर्य ने अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि सदन में अपने भाषण के दौरान यादव बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में किये गये कामों का ‘गुणगान’ कर रहे थे लेकिन, ऐसा होता तो जनता चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ नहीं करती। मौर्य ने अखिलेश यादव द्वारा सरकार की विभिन्न योजनाओं की शुरुआत सपा की पिछली सरकार के कार्यकाल में होने के दावों की तरफ इशारा करते हुए कहा, ”नेता प्रतिपक्ष अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते थकते नहीं हैं। यह आपको कौन सा रोग है? अगर कोई रोग है तो मैं कहूंगा कि आप जांच करा लीजिए। हर योजना पर समाजवादी पार्टी का स्टिकर चस्पा करने के इस रोग से अब मुक्त हो जाइए। आप पांच साल बाहर रह चुके हैं.अब पांच और साल के लिए फिर बाहर हो गए हैं। आने वाले 25 साल तक आपका नंबर लगने वाला नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”एक सम्मानित नेता के खिलाफ असभ्य शब्दों का उपयोग ठीक नहीं है। मैं नेता प्रतिपक्ष से बहुत विनम्रता से कहूंगा कि आपको इतना उत्तेजित नहीं होना चाहिए था। सवाल सैफई का नहीं है। हम जो विकास काम करा रहे हैं या आप की सरकार में जो विकास कार्य हुए होंगे, वह हमारा कर्तव्य था। सरकार तो सरकार होती है और हर सरकार को अपनी उपलब्धियां बताने का अधिकार है। ”उन्होंने कहा, ”सहमति और असहमति लोकतंत्र की ताकत है लेकिन उपमुख्यमंत्री अगर अपनी बात रख रहे हैं तो हमें शालीनता से सुनना चाहिए। बहुत सारी बातें नेता प्रतिपक्ष की भी गलत हो सकती थी लेकिन हमने सुना। हमें जो स्वीकार करना होगा उसे करेंगे और उसका जवाब भी देंगे लेकिन बीच में इस तरह की उत्तेजना दिखाना उचित नहीं है।