Tuesday , September 27 2022
डिंपल-कपिल सिब्बल और जावेद अली खान, सपा ने फाइनल किए राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम
डिंपल-कपिल सिब्बल और जावेद अली खान, सपा ने फाइनल किए राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम

डिंपल-कपिल सिब्बल और जावेद अली खान, सपा ने फाइनल किए राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम

लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की तरफ़ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल को राज्यसभा की सदस्यता के लिए नामंकन किया गया। वे समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा जा रहे हैं। पहला नामंकन हुआ है। राज्यसभा के लिए दो अन्य लोगों के नाम बहुत ज़ल्द घोषित हो जाएंगे।
कपिल सिब्बल ने कहा कि मैंने 16 मई को कांग्रेस पार्टी से त्याग पत्र दे दिया है।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राज्यसभा चुनाव 2022 (Rajyasabha Election 2022) की गहमागहमी तेज हो गई है। खासतौर से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से इस बार राज्यसभा में तीन नेताओं को भेजा जाना है। ऐसे में माना जा रहा हैै कि पार्टी सीनियर कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) को यूपी से राज्यसभा में भेज सकती है। इससे पार्टी को राज्यसभा में एक बुलंद आवाज मिल जाएगी। साथ ही, पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति को भी खत्म करने में कामयाबी मिलेगी। समाजवादी पार्टी इस समय आजम खान (Azam Khan) और शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बगावती तेवर से परेशान है। अखिलेश यादव को शिवपाल यादव से अधिक खतरा नहीं दिख रहा, लेकिन आजम खान को वे छोड़ना नहीं चाह रहे हैं। ऐसे में उन्हें मनाने में कपिल सिब्बल बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। अखिलेश की योजना कपिल सिब्बल के माध्यम से आजम को मनाने के साथ-साथ कांग्रेस के एक बड़े चेहरे को साथ जोड़कर पार्टी को बड़ा झटका देने की भी है।
अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव को पार्टी की अंदरूनी राजनीति को खत्म करने का जरिया बनाने का प्रयास करते दिख रहे हैं। आजम खान 27 माह बाद सीतापुर जेल से बाहर निकले हैं। कोर्ट में उनकी पैरवी पूर्व केंद्रीय मंत्री और मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने की है। दावा किया जा रहा है कि आजम खान की पैरवी के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से कपिल सिब्बल को तैयार किया गया। ऐसे में कपिल सिब्बल को पार्टी की ओर से आजम खान को मनाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अगर वे इसमें कामयाब होते हैं तो उन्हें बतौर ईनाम राज्यसभा भेजा जाएगा। आज खान ने भी इस मामले में पिछले दिनों बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कपिल सिब्बल को राज्यसभा की उम्मीदवारी के काबिल बताया।
राज्यसभा की 11 सीटों पर इस बार चुनाव होना है। विधानसभा में सदस्यों की संख्या के आधार पर देखा जाए तो इन 11 सीटों में से भाजपा 7 और समाजवादी पार्टी 3 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। समाजवादी पार्टी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपने नेताओं के मामलों में कपिल सिब्बल की सेवाएं लेती है। आजम खान से जब कपिल सिब्बल को समाजवादी पार्टी से राज्यसभा भेजने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। वे इसके लायक हैं। अगर कपिल सिब्बल राज्यसभा भेजे जाते हैं तो सबसे अधिक अगर किसी को खुशी होगी तो वह मुझे होगी।
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के उम्मीदवारों की लिस्ट में कपिल सिब्बल के नाम की चर्चा शुरू हो गई है। इनके अलावा डिंपल यादव और जावेद अली खान के नाम की भी चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक सपा ने तीनों नेताओं का नाम राज्यसभा के लिए फाइनल कर दिया है। जल्द तीनों नेता समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का पर्चा भरेंगे। 10 जून को उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए 31 मई तक नामांकन किया जाना है। ऐसे में कपिल सिब्बल के जरिए अखिलेश यादव एक तीर से दो शिकार करते दिखेंगे। एक तो वे आजम खान की नाराजगी को काफी हद तक कम कर देंगे। दूसरा, कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा उनके पाले में होगा।
कपिल सिब्बल को 2016 में कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था। वहीं, संभल के जावेद अली खान को राज्यसभा भेजने पर भी पार्टी में सहमति बन गई है। जावेद 2014 से 2020 तक राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उन्हें मुलायम सिंह यादव और राम गोपाल यादव का करीबी माना जाता है। 11 में से 8 सीटों पर भाजपा के आसानी से जीत दर्ज करने की उम्मीद है। ऐसे में कपिल सिब्बल के जरिए अखिलेश बड़ा राजनीतिक खेल करते दिख रहे हैं। अखिलेश इसके जरिए 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के वोट बैंक को यह संदेश देने की कोशिश करते दिखेंगे कि जिस बड़े चेहरे को उनके नेताओं ने तरजीह नहीं दी, उसे सपा ने सम्मान दिया। यह कांग्रेस के वोट बैंक पर सपा की नजर के रूप में भी देखा जा रहा है।