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कोरोना के बढ़ते आतंक से बचने के लिए न करें ये काम

नई दिल्ली: कोरोना का सबसे ज्यादा कहर अमेरिका, ब्राजील और भारत में हो रहा है. भारत में एक तरफ जनजीवन पटरी पर लौट रहा है, वहीं कोरोना के मामले भी दिनों-दिन रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना फैलने की सबसे बड़ी वजह है. मास्क पहनने में लापरवाही मास्क कोरोना को फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है.

सरकार विज्ञापन के जरिए लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने का पाठ पढ़ा रही हैं, दुकानदारों से अपील कर रही है कि दूरी का ध्यान रखें. इन सबसे बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं. आइए जानते हैं कि हम रोजाना किस तरह की गलतियां कर रहे हैं-

मास्क को गलत तरीके से लगाना है कोरोना प्रसार का कारण

लोग मास्क जरूर लगा रहे हैं, लेकिन मास्क पहनने का तरीका कई दफा गलत होता है. मास्क पहनने का मकसद नाक और मुंह को पूरी तरह कवर करना है, ताकि वायरस नाक और मुंह से प्रवेश नहीं कर सकें. लोग मास्क पहनकर ठुड्डी से नीचे रखते हैं, जिसकी वजह से मुंह और नाक खुली रहती है. अगर भारत में लोग सही तरीके से मास्क पहनना शुरू कर दें तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है. मास्क को लगाने का तरीका सीखें. मास्क को नीचे नहीं खिसकाएं.

मास्क को गलत तरीके से लगाना है कोरोना प्रसार का कारण

लोग मास्क जरूर लगा रहे हैं, लेकिन मास्क पहनने का तरीका कई दफा गलत होता है. मास्क पहनने का मकसद नाक और मुंह को पूरी तरह कवर करना है, ताकि वायरस नाक और मुंह से प्रवेश नहीं कर सकें. लोग मास्क पहनकर ठुड्डी से नीचे रखते हैं, जिसकी वजह से मुंह और नाक खुली रहती है. अगर भारत में लोग सही तरीके से मास्क पहनना शुरू कर दें तो इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है. मास्क को लगाने का तरीका सीखें. मास्क को नीचे नहीं खिसकाएं.

सोशल डिस्टैंसिंग का करें पालन 

कुछ महीनों पहले लोग कोरोना से डर रहे थे, और दुकान से सामान खरीदते समय दूरी का ध्यान रख रहे थे. लेकिन अब दुकानों के आगे से सर्कल के निशान मिट गए हैं, और लोग गैदरिंग में खड़े होकर सामान खरीद रहे हैं. नतीजा कोरोना का प्रसार दिनों-दिन बढ़ रहा है.

लम्बे समय तक किसी से बात न  करें

आप कोरोना काल में किसी से भी लंबे समय तक बात नहीं करें. आप लंबे समय तक बात करते हैं तो आप बातों में इतना ज्यादा मसरूफ हो जाते हैं, कि आपकी सावधानी घटती जाती है. कई बार आप बात करने के दौरान मास्क को नीचे भी कर लेते हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने के चांस अधिक होते हैं.

बुजुर्गों के प्रति लापरवाही

कुछ समय पहले तक हम कोरोना से बेहद डरे हुए थे, और उससे खुद का और अपने बुजुर्गों का बचाव भी कर रहे थे. लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है हम कोरोना को नज़रअंदाज कर रहे हैं. घर के बुजुर्गों और बच्चों की इम्यून पावर कम होती है, उनसे दूरी बना कर रहे ताकि आपके बुजुर्ग और बच्चों की सेहत बनी रहे.

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