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किसान आंदोलन की पड़ी बॉलीवुड पर मार

नई दिल्ली: कुछ समय पहले तक जिस तरह कोरोना वायरस पूरे देश पर हावी रहा, ठीक वैसे ही अब देश में किसान आंदोलन भी हर उद्योग को प्रभावित कर रहा है। फिल्म उद्योग पर इसका असर कुछ इस तरह रहा कि पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में चल रही अभिनेता शाहिद कपूर की अगली फिल्म ‘जर्सी’ की शूटिंग को किसान आंदोलन की वजह से बंद करना पड़ा और वहां से फिल्म की टीम को पूरा काम बंद कर देहरादून के लिए प्रस्थान करना पड़ा।

शाहिद कपूर ने कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपनी फिल्म ‘जर्सी’ की शूटिंग देहरादून में ही शुरू की थी। वहां से उन्होंने पिछले महीने ही शूटिंग चंडीगढ़ में शुरू की लेकिन शेड्यूल पूरा होने से पहले ही उन्हें शहर छोड़कर जाना पड़ा। इसका कारण बना देश की राजधानी में चल रहा किसानों का आंदोलन। सड़कों पर आवागमन और लोगों के काम धंधे बंद पड़े हुए हैं इस वजह से ‘जर्सी’ की टीम को भी चंडीगढ़ छोड़कर देहरादून जाना पड़ा।

‘जर्सी’ के निर्माताओं को चंडीगढ़ में अपनी फिल्म पूरी करने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए उन्होंने तत्काल में नई योजना बनाई और पूरी टीम के साथ देहरादून के लिए रवाना हो गए। फिल्म के निर्देशक गौतम टिन्नाणुरी, शाहिद कपूर, मृणाल ठाकुर और फिल्म के बाकी कलाकारों के साथ उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को फिल्माने वाले हैं।

‘जर्सी’ में क्रिकेट के मैदान पर भी काफी शूटिंग होनी है

हालांकि, फिल्म ‘जर्सी’ में क्रिकेट के मैदान पर भी काफी शूटिंग होनी है। इसलिए निर्माताओं को वापस चंडीगढ़ आना ही होगा। चंडीगढ़ में फिल्म की करीब तीन दिन की शूटिंग बाकी है जिसके लिए निर्माता किसानों के आंदोलन के खत्म होने के बाद चंडीगढ़ जाएंगे। क्रिकेट के मैदान पर फिल्माए जाने वाले दृश्यों की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि फिल्म में शाहिद कपूर एक सेवानिवृत्त क्रिकेटर का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का असली मुद्दा भी वही बताया जा रहा है।

यह कहानी एक नाकामयाब लेकिन हुनरमंद क्रिकेटर की है जो काफी उम्र बीत जाने के बाद फिर से क्रिकेट मैच के मैदान पर वापसी करता है। वह चाहता है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम का नेतृत्व करे और अपने बेटे को टीम इंडिया की जर्सी उपहार स्वरूप दे.

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