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कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन पकड़ रहा रफ्तार, आज से भूख हड़ताल जारी

नई दिल्ली: कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन रफ्तार पकड़ रहा है. आज करीब एक दर्जन किसान नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं. ये प्रक्रिया हर रोज रोटेशन के आधार पर चलेगी. दूसरी ओर सरकार ने भी किसानों के सामने फिर से बातचीत का प्रस्ताव रखा है. ऐसे में आंदोलन किस ओर रुख करता है, इसपर सभी की नज़रें अभी बनी हुई है.

नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला है. सिद्धू ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें वो कुछ लोगों से चर्चा कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने लिखा कि नए कानून में कुछ भी किसानों के हक वाला नहीं है, ये कानून सिर्फ कारोबारियों के फायदे वाले हैं. सोमवार को कुल 11 किसान नेता भूख हड़ताल कर रहे हैं, जब इनके 24 घंटे पूरे होंगे तो मंगलवार को दूसरे किसान नेता अपनी हड़ताल शुरू कर देंगे. किसानों ने ऐलान किया है कि अब इसी तरह रोटेशन में हड़ताल चलती रहेगी.  किसान भूख हड़ताल भी कर रहे हैं, जो अब हर 24 घंटे में रोटेशन के हिसाब से बदलेगी. इस बीच आज पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ फिर आंदोलन में शामिल होंगे और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच सकते हैं.

किसानों और सरकार के बीच टकराव बढ़ रहा है. किसानों ने 27 दिसंबर को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान पूरे समय थाली पीटते रहने की बात कही है. किसान नेताओं ने कहा है कि “हम सभी से अपील करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान 27 दिसंबर को जब तक वो बोलते रहें, सभी अपने घरों से थाली बजाएं.

कृषि मंत्रालय ने किसान संगठनों को लिखी एक चिट्ठी

आंदोलन के बीच सरकार ने फिर किसानों से बातचीत की पहल की है. कृषि मंत्रालय ने किसान संगठनों को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें सरकार की ओर से बातचीत की मंशा जाहिर की गई है. बातचीत कब करनी है, ये किसान तय कर सकते हैं. बता दें कि अबतक किसान-सरकार में 6 दौर की बातचीत फेल हो चुकी है.

कृषि कानून की वापसी पर किसान लगातार अड़े हुए हैं. इसी बीच आंदोलन को धार देते हुए किसानों ने सोमवार यानि आज भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया है. किसान संगठन आज हर धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इससे पहले भी किसानों ने भारत बंद, भूख हड़ताल बुलाया था. अभी के लिए इतना ही

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