Thursday , October 6 2022

बारिश और तेज हवाओं की वजह से पांच लोगों की मौत

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में वर्षा जनित मामलों में सोमवार को पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें से दो मौतें गोंडा में जबकि तीन अन्य मौतें लखीमपुर खीरी में हुई हैं। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोंडा में सोमवार को दोपहर बाद आई तेज आंधी एवं बारिश के कारण दो लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले के छपिया थाना क्षेत्र में आंधी पानी की चपेट में आकर सत्य प्रकाश (23) नामक युवक की मौत हो गई। बताया जाता कि युवक एक कालेज का छात्र था और परीक्षा देने जा रहा था तभी आंधी के कारण गिरे एक पेड़ की चपेट में वह आ गया।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार धानेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रुद्रगढ़ नौसी गांव में भी पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर राम मूरत (43) नामक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कर्नलगंज थाना क्षेत्र के बबुरास में एक पेड़ की डाल गिरने से सीसा मऊ निवासी हीरा लाल शुक्ल जख्मी हो गए। उन्हें उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जबकि इसी तरह के हादसे में गंभीर रूप से जख्मी सत्यम (15) का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। इस बीच, लखीमपुर खीरी से मिली खबर के अनुसार जिले के पासगवां थाना क्षेत्र के चंदीला गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि तारिक और उसकी चचेरी बहन रकीबा सोमवार सुबह जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच एक बाग में आम लेने गए थे।

पासगावां थाने के थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि तारिक (15) और उसकी चचेरी बहन रकीबा (9) की बाग में आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। एक अन्य घटना में नीमगांव थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव में सोमवार की सुबह तेज हवाओं से एक विशाल पेड़ के गिरने से उसके नीचे शत्रुहन (55) नामक व्यक्ति दब गया।

पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों ने किसी तरह उसे पेड़ के नीचे से निकाला और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

इस बीच, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान, बारिश एवं आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को पीड़ित व्यक्तियों/परिवारों को निर्धारित मानक के अनुसार तत्काल राहत वितरित किये जाने के निर्देश दिये हैं। एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि राहत व मदद पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दैवीय आपदा के दृष्टिगत जनपदों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराया जाए। उन्होंने आपदा में घायल व्यक्तियों की समुचित चिकित्सीय व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि अहेतुक सहायता प्रदान करने के लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता के सम्बन्ध में शासन को तत्काल सूचित किया जाए।

उन्होंने इस आपदा में हुई जनहानि, पशुहानि तथा फसल क्षति के सम्बन्ध में आकलन कराकर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सभी जनपदों से फीडबैक लेकर आवश्यकतानुसार तत्काल जरूरी कदम उठाए जाएं।