Friday , October 7 2022
यूपी के हर थाने में होगा साइबर हेल्प डेस्क, पुलिसवालों को दी जाएगी फॉरेंसिक की ट्रेनिंग
यूपी के हर थाने में होगा साइबर हेल्प डेस्क, पुलिसवालों को दी जाएगी फॉरेंसिक की ट्रेनिंग

यूपी के हर थाने में होगा साइबर हेल्प डेस्क, पुलिसवालों को दी जाएगी फॉरेंसिक की ट्रेनिंग

लखनऊ। यूपी में महिला सुरक्षा की तरह अब साइबर सिक्योरिटी के लिए सरकार चक्रव्यूह तैयार कर रही है। शासन ने सभी थानों में महिला की तरह साइबर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया है। साइबर थानों में तैनात पुलिसवालों को फॉरेंसिक की ट्रेनिंग दी जा रही है। मुख्यालय पर एक एडवाइजर की नियुक्ति होगी जो साइबर क्राइम के नए-नए तरीकों के बारे में पुलिस को सुझाव देगा।
साइबर सिक्योरिटी को लेकर हाईकोर्ट ने डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने पूछा है कि ऐसे क्राइम से निपटने के लिए पुलिस के पास क्या इंतजाम हैं। कोर्ट की नाराजगी के बाद शासन ने साइबर सुरक्षा को पुख्ता करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। एसपी साइबर क्राइम त्रिवेणी सिंह के मुताबिक साइबर ठगों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को अपडेट किया जा रहा है। 18 मंडलों में स्थापित साइबर थानों में तैनात 400 पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इन सभी पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग केंद्रीय गृह मंत्रालय की देख रेख में हो रही है। उन्होंने बताया कि साइबर थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को साइबर फोरेंसिक की भी ट्रेनिंग कराई जा रही है। जिससे महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में पुलिस जल्दी प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। इससे विवेचना व साक्ष्य जुटाने के लिए लंबा इन्तजार नहीं करना पड़ेगा।
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, साइबर ठगी की सूचना देने के लिए साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 में आने वाली सूचनाओं को वरीयता दी जा रही है। इसके लिए 60 लोगों की टीम 24 घंटे ड्यूटी पर रहते है, जो वरीयता पर शिकायतों को सुन कर तत्काल बैंकों से बात करके खातों से निकली रकम को होल्ड कराते हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने अनुभवी साइबर एक्सपर्ट को साइबर क्राइम मुख्यालय का सलाहकार नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद है कि समय समय पर पुलिस कर्मियों को अपडेट ट्रेनिंग देनी हो या फिर किसी विशेष परिस्थितियों में साइबर क्रिमनल्स से निपटने के लिए सलाहकार की मदद ली जा सके। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मदद मिल सके इसके लिए प्रदेश के 1531 थानों में साइबर हेल्प डेस्क तैयार की जा रही है। इसके लिए 72 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट भी दिया जा रहा है। इस हेल्पडेस्क में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।