Saturday , October 1 2022
लखनऊ में सरकारी वाहन करा लें प्रदूषण जांच, नहीं तो लगेगा भारी जुर्माना
लखनऊ में सरकारी वाहन करा लें प्रदूषण जांच, नहीं तो लगेगा भारी जुर्माना

लखनऊ में सरकारी वाहन करा लें प्रदूषण जांच, नहीं तो लगेगा भारी जुर्माना

लखनऊ। प्रदूषण को लेकर गंभीर सरकार ने लापरवाही बरत रहे सरकारी वाहनों पर भी नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश की सड़कों पर दौड़ रहे 60,545 सरकारी वाहनों की जांच के लिए सोमवार शाम तक का वक्त दिया गया है। इनमें सभी कैटेगरी के वाहन होंगे। इस आशय की रिपोर्ट सहायक और संभागीय परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों से सोमवार शाम तक देनी होगी। अक्सर सरकारी वाहन प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने में कोताही बरतते हैं। निजी वाहन स्वामियों पर तो नकेल कस जाती है लेकिन सरकारी वाहन बच जाते हैं। अब सरकारी वाहनों पर भी सख्ती बरती जाएगी। अन्य वाहनों की तरह उनकी भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान अगर प्रदूषण प्रमाण पत्र ओके नहीं मिला तो उनका भी चालान किया जाएगा और जुर्माना वसूला जाएगा।
प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने पर दस हजार रुपया जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार सरकारी वाहनों पर भी प्रदूषण को लेकर सख्ती की जा रही है। उप परिवहन आयुक्त निर्मल प्रसाद ने बताया कि प्रदूषण जांच कराने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। साेमवार शाम यह पूरा हो जाएगा। सभी एआरटीओ और आरटीओ कार्यालयों से सोमवार की शाम तक सरकारी वाहनों की प्रदूषण जांच रिपोर्ट मय प्रमाण पत्र मांगी गई है। सोमवार शाम के बाद अन्य वाहनों की तरह इन सरकारी वाहनों की भी जांच की जाएगी। प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र न मिलने पर चालान और निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा।