कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड में गोरखपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता

दारोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड को लेकर लगातार सीबीआई की जांच के लिए मांग की जा रही है तो वहीं अब गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है यहां हत्यारोपी दारोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार की देर शाम आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और दारोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कांड के चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है, जबकि दो अभी भी फरार चल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि दोनों हत्यारोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। एसआईटी और पुलिस बीते 15 दिनों से लगातार छापेमारी कर रही है। अभी भी विजय यादव और मुख्य आरक्षी कमलेश यादव पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बता दें कि इन सभी आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। इन दोनों की गिरफ्तारी रामगढ़ ताल के आजाद नगर में हुई है। दअरसल कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर अपने दो दोस्तों हरवीर व प्रदीप के साथ घूमने आए थे। तीनों तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में ठहरे थे। 27 सितंबर की रात ही रामगढ़ताल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी रहे अक्षय मिश्रा सहित छह पुलिस वाले आधी रात के बाद होटल में चेकिंग को पहुंच गए थे। कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी पिटाई कर दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस की ओर से नशे में गिरने से मौत बताया था मगर बाद में हत्या का केस दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, तब जाकर परिवार के लोग शव लेकर कानपुर रवाना हुए थे।

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