Friday , October 7 2022
Gyanvapi Row : शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले महंत का इस्तीफा
Gyanvapi Row : शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले महंत का इस्तीफा

Gyanvapi Row : शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले महंत का इस्तीफा

वाराणसी। वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले श्री काशी करवत मंदिर के महंत गणेश शंकर उपाध्याय ने अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने साथ कुचक्र किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वह इसका प्रायश्चित करेंगे। इस्तीफे के बाद महंत ने अपने छोटे भाई डॉ. दिनेश अम्बाशंकर उपाध्याय को अपनी जिम्मेदारी सौंप दी है। बता दें, वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हुए सर्वे के बाद हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद परिसर में शिवलिंग मौजूद है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया है।
श्री काशी करवत मंदिर काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित है। इसी मंदिर में पंडित गणेश शंकर उपाध्याय महंत थे। बीते दिनों एक निजी चैनल के इंटरव्यू में गणेश शंकर ने ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग को फव्वारा बता दिया था। उन्होंने कहा था, ‘शिवलिग जैसी आकृति मिली है, लेकिन वो शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा ही है।’ महंत ने दावा किया था कि उसे उन्होंने बचपन से देखा है और वहां सैकड़ों बार गए हैं।
इस बयान के बाद हिंदू पक्ष की तरफ से महंत की काफी आलोचना हुई। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी दावा किया कि चैनल पर उनकी बात को काट छांटकर दिखाया गया। अब आखिरकार महंत गणेश शंकर ने अपनी गद्दी से इस्तीफा दे दिया है। गणेश शंकर ने कहा, ‘मेरे साथ साजिश हुई है। मेरे खिलाफ गलत इंटरव्यू चलाया गया, इससे मैं काफी आहत हूं और इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैंने कभी भी दावा नहीं किया कि सर्वे के दौरान मिली आकृति शिवलिंग नहीं फव्वारा है।’ उन्होंने ये भी कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि किसी महंत पद को जीवत रहते दूसरे महंत को दिया जाएगा, क्योंकि अभी तक महंत की मृत्यु के बाद ही महंत पद स्थानांतरित होता था।