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भारत-चीन सीमा विवाद: रूस में चीनी रक्षामंत्री से नही मिलेंगे राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच बढ़ते सीमा विवाद का ताज़ा असर मास्को में शुरू होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक  में  देखने को मिल सकता है। जहां भारत ने बड़ा फ़ैसला लिया है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को रूस के लिए रवाना हो गए हैं। ताज़ा मिली सूचना  कि माने तो इस दौरान राजनाथ सिंह का चीनी समकक्ष से मुलाकात का कोई कार्यक्रम नहीं है। राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षामंत्री के साथ मुलाकात करने से इनकार कर दिया।

पैंगोल झील पर एक बार फिर हुआ है विवाद

भारत और चीन के बीच पैंगोल झील को लेकर एक बार फिर विवाद हुआ है। विवाद के बाद भारत और चीन के अधिकारियों की एक बैठक हो रही है। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व सेना के ब्रिगेड कमांडर करेंगे। मंगलवार को भी ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता आयोजित की गई थी।
बता दें कि चीन की सेना के 29-30 अगस्त की रात को पैंगोंग झील के दक्षिण बैंक क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का प्रयास किया था, लेकिन भारतीय सेना ने इस आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया।

जून के बाद सिंह की दूसरी रूस यात्रा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को रूस रवाना हुए थे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संगठन के दो प्रमुख सदस्य भारत और चीन के मध्य सीमा पर विवाद चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि चार सितंबर को होने वाली एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के अलावा सिंह अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगू और कई अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत करेंगे। बता दें कि जून के बाद यह सिंह की दूसरी मास्को यात्रा है। उन्होंने 24 जून को मास्को में विजय दिवस परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। विजय दिवस परेड का आयोजन द्वितीय विश्वयुद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत विजय की 75वीं वर्षगांठ पर किया गया था।

वार्ता में पाकिस्तान के रक्षामंत्री भी होंगे शामिल

चार सितंबर को होने वाली एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंघे और पाकिस्तानी रक्षा मंत्री परवेज खटक भी हिस्सा ले रहे हैं। रक्षा मंत्री की यह यात्रा रूस में बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेने से भारत के पीछे हटने के कुछ दिन बाद हो रही है जिसमें चीनी और पाकिस्तानी सैनिकों के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है।

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