Tuesday , September 27 2022
पहली बार सामने आया ईरान का अंडरग्राउंड ड्रोन बेस
पहली बार सामने आया ईरान का अंडरग्राउंड ड्रोन बेस

पहली बार सामने आया ईरान का अंडरग्राउंड ड्रोन बेस

तेहरान। ईरान की सेना ने अपनी ताकत दिखाने के लिए मिसाइलों से लैस ड्रोन्स की फोटो जारी की है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर ड्रोन्स की फोटो दिखाई गईं। इतना ही नहीं ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने तेहरान के पास दुनिया के सबसे घातक ड्रोन्स होने का दावा भी किया। इसमें कहा गया कि ये ड्रोन्स एक खुफिया बेस में रखे गए हैं। ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अब्दुलरहीम मौसवी और ईरान आर्मड फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी ने इस बेस का दौरा किया।
हालांकि बेस की लोकेशन कहां है, ये किसी को नहीं पता है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि ये बेस केर्मंनशाह शहर से 40 मिनट की दूरी पर हो सकता है। ईरान ने 1980 में ड्रोन बनाना शुरू कर दिया था। इस समय ईरान-ईराक के बीच युद्ध छिड़ा हुआ था।
सरकारी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया है कि ये ड्रोन्स किसी भी दुश्मन को पल भर में मार गिरा सकते हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि जागरोस की पहाड़ियों के नीचे बनाई गई सुरंगों के अंदर ईरानी सेना के खतरनाक ड्रोन्स रखे गए हैं।
ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अब्दुलरहीम मौसवी और ईरान आर्मड फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी ने इस बेस का दौरा किया। इस दौरान मेजर जनरल अब्दुलारहीम मौसावी ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना सबसे मजबूत सेना है। इस बेस में कम से कम 100 मिलिट्री ड्रोन्स रखे गए हैं। जिनकी तस्वीरें ईरान के सरकारी मीडिया ने दिखाई हैं। बेस में खतरनाक Kaman-22 ड्रोन्स भी मौजूद हैं। जिनमें खतरनाक मिसाइलें लगी हैं। द यरूशलम पोस्ट के मुताबिक मेजर जनरल मौसवी ने कहा कि ईरानी सेना के ड्रोन्स किसी भी स्थिति में तुरंत काउंटर अटैक करके दुश्मन के होश उड़ाने के लिए तैयार हैं। हम लगातार अपने ड्रोन्स को अपडेट कर रहे हैं। यहां खतरनाक Ababil-5 ड्रोन्स भी हैं। जिनमें खतरनाक Qaem-9 मिसाइलें लगी हैं। Qaem-5 मिसाइलें स्वदेशी तकनीकि से बनी हैं, जो एयर टू सरफेस पर मार करती हैं। ये मिसाइल अमेरिका की हेलफायर मिसाइल की तरह खतरनाक हैं।