Tuesday , July 5 2022

किसानों का समर्थन करने आयी JMI की छात्राओं को वापस भेजा

नई दिल्लीः सरकार के खिलाफ कृषि कानुन को लेकर किसानो का धरना लगातार चल रहा है इस बीच सरकार ने हर मुमकिन कोशिश की किसानों को समझाने कि लेकिन किसानो और सरकार के बीच हुई बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नही निकला ना सरकार अपने तीनो बिल वापिस लेना चाहती है ना ही किसान सरकार के इस बिल को स्वीकार करना चाहते है इसी लिए वो लगातार धरना दे रहे है

इसी बीच किसानों का समर्थन करने के लिए नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के एक समूह को यूपी गेट (गाजियाबाद)-गाजीपुर (दिल्ली) सीमा पर अपने प्रदर्शन में शामिल होने से रोक दिया। इसकी जानकारी पुलिस ने दी।

उन्होंने बताया कि लड़कियों समेत छह छात्रों का समूह गीत गाता और डफली बजाता हुआ किसानों को समर्थन देने आया था। DSP अंशू जैन ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि जब किसान नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों की मौजूदगी पर आपत्ति जतायी तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया।

इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ”किसानों की एकता को तोड़ना चाहती है।” उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का प्रदर्शन स्थल पर आने का सिलसिला जारी है और तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन इतिहास रच देगा।

आप को बता दे कि एक विज्ञप्ति के मुताबिक भाकियू नेता ने कहा कि सोमवार को किसान सुबह आठ से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। वहीं, नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फैसला करने के लिये सरकार से किसान आयोग के गठन की मांग की।

 

 

 

 

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