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जो बाइडेन बने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति, कमला हैरिस ने भी किया संबोधित

न्यू दिल्ली: दुनिया का सबसे समृद्ध देश माने जाने वाले अमेरिका में चल रहे राष्ट्रपति चुनाव का बीते शनिवार को अंत हो गया और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उमीदवार जो बाइडेन ने अपने प्रतिदावंदी और अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराकर अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति बनेंगे।

ट्रम्प ने लगाया था उम्रदराज होने का आरोप

अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन (77) ने शनिवार रात जीत के बाद देश को संबोधित किया। वे दौड़ते हुए मंच तक आए। बता दें कि उनका दौड़कर मंच तक आना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को उनका जवाब माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन पर उम्रदराज होने के आरोप लगाए थे। बाइडेन ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर इस देश को बांटने के बजाए एकजुट करूंगा। 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति होंगे।

मंच से किया पत्नी और परिवार का शुक्रिया

अमेरिका के होने वाले भावी राष्ट्रपति जो बाइडेन 48 साल पहले पहली बार सीनेटर चुने गए थे। देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा- आप लोगों ने स्पष्ट जनादेश दिया है। 7.4 लोगों ने रिकॉर्ड वोट दिए। अमेरिका की यह नैतिक जीत है। मार्टिन लूथर किंग ने भी यही कहा था। गौर से सुनिए। आज अमेरिका बोल रहा है। मैं राष्ट्रपति के तौर पर इस देश को बांटने के बजाए एकजुट करूंगा। परिवार और पत्नी का इस संघर्ष में साथ देने के लिए शुक्रिया।

अब जख्मों का भरने का वक्त है – जो बाइडेन

बाइडेन ने अपने और ट्रम्प के समर्थकों से कहा- मैं जानता हूं कि जिन लोगों ने ट्रम्प को वोट दिया है, वे आज निराश होंगे। मैं भी कई बार हारा हूं, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है कि इसमें सबको मौका मिलता है। चलिए, नफरत खत्म कीजिए। एक-दूसरे की बात सुनिए और आगे बढ़िए। विरोधियों को दुश्मन समझना बंद कीजिए, क्योंकि हम सब अमेरिकी हैं। बाइबल हमें सिखाती है कि हर चीज का एक वक्त होता है। अब जख्मों का भरने का वक्त है। सबसे पहले कोविड-19 को कंट्रोल करना होगा, फिर इकोनॉमी और देश को रास्ते पर लाना होगा।

कमला हैरिस ने भी किया संबोधित

पहली वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट भारतीय मूल कमला हैरिस ने कहा- डेमोक्रेसी की कोई गारंटी नहीं होती। ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे बनाए रखने के लिए कितनी मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए इच्छाशक्ति चाहिए। इसलिए इसे हल्के में मत लीजिए। इसके लिए बलिदान देना पड़ता है। इसके बाद ही खुशी मिलती है। हम भी यही कर रहे हैं। इस बार के मतदान में लोकतंत्र भी दांव पर था। आपने अमेरिका को एक नई सुबह दिखाई है। चार साल तक आप बराबरी और इंसाफ के लिए जंग करते रहे। इसके बाद मतदान का मौका आया।

उन्होंने आगे कहा कि हम सबने मिलकर इस देश को खूबसूरत बनाया। अब आपकी आवाज सुनी जाएगी। मैं बिल्कुल मानती हूं कि इस वक्त कई चुनौतियां हमारे सामने हैं। खासतौर पर पिछले कुछ महीने मुश्किल भरे रहे। हमने काफी दुख और दर्द झेला, लेकिन हमारे पास हिम्मत और जज्बा है। आपने जो बाइडेन और मुझे चुना। कमला अमेरिका की पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति हैं। वे भारतीय मूल की हैं।

 

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